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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त, निजी स्कूली बस व चालकों का होगा सत्यापन

Updated at : 01 Jan 2026 6:56 PM (IST)
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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त, निजी स्कूली बस व चालकों का होगा सत्यापन

परिवहन विभाग ने सभी जिला परिवहन कार्यालयों को त्वरित कार्रवाई का दिया है आदेश

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जिला परिवहन कार्यालय को 15 जनवरी तक सत्यापन की प्रक्रिया करनी है पूरी

मुंगेर. राज्य सरकार स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी सख्त है. सरकार ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष अभियान शुरू किया है. इसके तहत सभी निजी स्कूली बसों और उनके चालकों का सत्यापन कराया जायेगा. परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरे राज्य में एक साथ चलाया जायेगा. 15 जनवरी तक सभी बसों व ड्राइवरों के सत्यापन कार्य पूरा करना है.

स्कूल बसों पर सख्ती, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

नये वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जनवरी के पहले 15 दिनों में निजी स्कूलों की बसों की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है. इसको लेकर जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक स्कूल बस की तकनीकी फिटनेस, वाहन की उम्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र और इंश्योरेंस की वैधता की जांच की जायेगी. इसके साथ ही ड्राइवर की मेडिकल स्थिति, ड्राइविंग लाइसेंस, आपराधिक रिकॉर्ड व आवश्यक दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जायेगा. परिवहन विभाग ने सभी जिला परिवहन कार्यालयों को त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है.

बड़े स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ी, अधिनियम में भी हुआ संशोधन

जिन निजी स्कूलों में दो हजार से अधिक बच्चे पढ़ते है, तो उन्हें मोटरयान अधिनियम 2019 के संशोधन के तहत बच्चों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी. हालांकि ज्यादातर निजी स्कूलों में ठेके पर बस का परिचालन कराया जाता है. मुंगेर में भी 100 से अधिक निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं. इसमें अधिकांश स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए वाहन नहीं है, अगर है तो वह ठेके पर चलता है. अब इन बसों में कौन ड्राइवर है, ड्राइवर के पास लाइसेंस है अथवा फिटनेस प्रमाण पत्र है या नहीं. इन तमाम बिंदुओं पर लापरवाही बरती जाती है. जब दुर्घटना घटती है, तो इन बातों की पोल खुलती है. अब सरकार की इस सख्ती से बच्चों की सुरक्षा मुकम्मल होगी.

कहते हैं डीटीओ

जिला परिवहन पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार अलवेला ने बताया कि अब तक उनलोगों को इस अभियान को लेकर कोई आदेश नहीं मिला है. आदेश मिलते ही सभी स्कूलों से बसों व चालकों की सूची मांगी जायेगी और उनसे संबंधित कागजातों की जांच की जायेगी. जहां भी कमी मिलेगी, संबंधित चालक या वाहन मालिक पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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