मुंगेर विश्वविद्यालय : 18 कॉलेज 18 पीजी विभाग = 276 शिक्षक

Updated at : 14 Mar 2026 6:43 PM (IST)
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मुंगेर विश्वविद्यालय : 18 कॉलेज   18 पीजी विभाग = 276 शिक्षक

मुंगेर विश्वविद्यालय की स्थापना का भले ही आठ साल होने में मात्र चार दिन शेष है, लेकिन इन आठ सालों में भी एमयू शिशुवास्था से बाहर नहीं निकल पाया है.

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एमयू में उच्च शिक्षा का हाल बदहाल

18 कॉलेजों में कार्यरत 54 शिक्षकों का पीजी विभाग में पोस्टिंग, अब 18 कॉलेजों में बचे मात्र 222 नियमित शिक्षक

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय की स्थापना का भले ही आठ साल होने में मात्र चार दिन शेष है, लेकिन इन आठ सालों में भी एमयू शिशुवास्था से बाहर नहीं निकल पाया है. हाल यह है कि 18 अंगीभूत कॉलेज और 18 पीजी विभागों में विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी मात्र 276 शिक्षकों पर ही है. हद तो यह है कि जहां पहले से ही एमयू के 18 अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकों के स्वीकृत कुल 539 पद पर मात्र 276 शिक्षक कार्यरत थे. वहीं अब विश्वविद्यालय द्वारा 18 पीजी विभागों के लिये स्वीकृत कुल 120 शिक्षकों के पदों पर इन कॉलेजों में ही पदस्थापित 54 शिक्षकों को पदस्थापित कर दिया गया है. इससे कॉलेजों में मात्र 222 नियमित शिक्षक ही बचे हैं.

दो दिन पूर्व ही 54 वरीय शिक्षकों की पोस्टिंग की गयी

एमयू द्वारा दो दिन पूर्व ही अपने 18 पीजी विभागों के लिये स्वीकृत कुल 120 पदों पर विभिन्न कॉलेजों में पदस्थापित कुल 54 वरीय शिक्षकों की पोस्टिंग कर दी गयी है. जिसे पांच दिनों के अंदर अपने संबंधित पीजी विभाग में योगदान करने का भी निर्देश दिया गया है. इससे अब एमयू के 18 अंगीभूत कॉलेजों में नियमित शिक्षकों की संख्या मात्र 222 रह गयी है, जो इन 18 अंगीभूत कॉलेजों में स्वीकृत कुल 539 पदों पर कार्यरत हैं. हालांकि, इसके अतिरिक्त 18 कॉलेजों के लिये 88 अतिथि शिक्षक भी हैं, लेकिन इसके बावजूद इन 18 कॉलेजों में स्वीकृत पद पर आधे शिक्षक ही हैं.

पीजी विभागों में शिक्षकों की पोस्टिंग ही बड़ा सवाल

एमयू द्वारा भले ही अपने 18 पीजी विभागों में 54 वरीय शिक्षकों की पोस्टिंग कर दी गयी हो और उनका वेतन भी अब विश्वविद्यालय के पीजी विभागों से ही दिया जाना है, लेकिन पीजी विभागों में एमयू की पोस्टिंग प्रक्रिया ही कई बड़े सवाल खड़े कर रही है. बता दें कि कई विषयों में जिन वरीय शिक्षकों की पोस्टिंग की गयी है. वे अपने-अपने संबंधित कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्य भी हैं. इससे अब उनके पास पीजी विभाग के साथ कॉलेज का वित्तीय प्रभार भी है, जबकि नियमानुसार किसी के पास केवल एक वित्तीय अधिकार ही हो सकता है. इतना ही नहीं पोस्टिंग की अधिसूचना में पीजी हेड को छोड़कर अन्य शिक्षकों को अपने कॉलेजों में कक्षा संचालन करने को भी कहा गया है, जबकि विश्वविद्यालय द्वारा पीजी में लखीसराय, खगड़िया, शेखपुरा, जमुई जैसे जिलों के शिक्षकों की भी पोस्टिंग की गयी है. इनके लिये पीजी विभाग के साथ अपने कॉलेज में कक्षा लेना मुश्किल ही होगा.

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AMIT JHA

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