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मजदूर के अभाव में धान की फसल की नहीं रही कटाई, किसान परेशान

Updated at : 09 Nov 2025 7:40 PM (IST)
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मजदूर के अभाव में धान की फसल की नहीं रही कटाई, किसान परेशान

चंदनिया गांव के किसान विपिन बिहारी सिंह, विनय यादव और गणेश पंडित ने बताया कि फसल पूरी तरह तैयार है

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संग्रामपुर प्रखंड क्षेत्र के खेतों में इन दिनों धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार है, लेकिन कटाई के लिए किसानों को मजदूर नहीं मिल रहा है और किसान परेशान नजर आ रहे हैं. अधिकांश मजदूर रोजगार की तलाश में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली जैसे राज्यों या स्थानीय ईंट-भट्टों पर जा चुके हैं. जिससे खेतों में तैयार फसल की कटाई प्रभावित हो रही है. इस बार खरीफ मौसम अनुकूल रहने से किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी. परंतु हाल ही में आए मोंथा तूफान ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया. तेज हवा और बारिश से कई जगहों पर धान की फसल झुक या गिर गई है. जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है. इसलिए किसान जल्द से जल्द कटाई कर फसल को बचाना चाहते हैं. लेकिन मजदूरों की कमी उनकी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. चंदनिया गांव के किसान विपिन बिहारी सिंह, विनय यादव और गणेश पंडित ने बताया कि फसल पूरी तरह तैयार है. लेकिन मजदूर नहीं मिलने के कारण कटाई शुरू नहीं हो पा रहा है. जो मजदूर उपलब्ध भी है वह मनमाना मजदूरी मांग रहा है. रतनपुरा के किसान शिवशंकर सिंह और बलवीर सिंह ने बताया कि जहां खेतों तक रास्ता है, वहां हार्वेस्टर से कटाई संभव है. लेकिन अधिकांश खेतों में मशीन पहुंचना मुश्किल है. ऐसे में हाथों से कटाई ही एकमात्र विकल्प है. किसानों का कहना है कि मजदूरों की किल्लत ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है. —————————————————————— बॉक्स ————————————————————– फसल क्षति का आकलन नहीं कर रहा कृषि विभाग, किसान परेशान असरगंज : एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश से धान एवं रवि की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा. बारिश के कारण जगह-जगह धान की फसल खेत में गिर गई. वहीं खेत में पानी जमा रहने के कारण धान की फसल लगभग सड़ चुका है. डूबी हुई धान की फसल का अंकुरण हो गया है. लेकिन कृषि विभाग द्वारा फसल क्षति का आकलन नहीं किया जा रहा है. जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है. किसान लड्डु सिंह, चितरंजन कुमार, अवधेश प्रसाद, अश्वनी कुमार, ध्रुव सिंह ने बताया कि अधिक बारिश होने के कारण धान की फसल खेत गिर गया और खेत में पानी जमा रहने के कारण कटाई भी नहीं हो सकता है. कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में 4545 हेक्टर धान की फसल लगाई गई थी. जिसमें अबतक 30% फसल के नुकसान की खबर है. मालूम हो कि बाढ़ प्रभावित चौरगांव, अमैया एवं ढोलपहाड़ी के चौर बहियार में किसानों द्वारा लगाया गया रबी फसल मसूर, प्याज, आलू, सरसों का फसल पूरी तरह बर्बाद हो गया. इधर चौर क्षेत्र में चना, खेसाड़ी एवं मसूर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. जबकि बाढ प्रभावित क्षेत्र के किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. इस संबंध में प्रखंड कृषि समन्वयक प्रणव कुमार ने बताया कि कृषि विभाग से निर्देश मिलने के बाद फसल क्षति का आंकलन किया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND KUMAR

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ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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