सदर अस्पताल में रविवार को न वार्डों में चिकित्सक का राउंड, न अल्ट्रासाउंड जांच, रोगी परेशान
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 29 Dec 2024 6:26 PM
सदर अस्पताल के प्रसव केंद्र में प्रत्येक माह 200 से अधिक प्रसव हो रहा है.
मुंगेर
वैसे तो बीमारी दिन या समय देख कर नहीं आती है, लेकिन यदि आप सदर अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे हैं तो आपको दिन और समय देखकर ही आना होगा. क्योंकि अन्य सरकारी कार्यालयों के तरह ही सदर अस्पताल में भी रविवार को छुट्टी ही होती है. जिसके कारण रविवार को न तो वार्डों में चिकित्सकों का राउंड लगाता है और न ही अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिलेगी.रविवार को वार्डों में चिकित्सक का नहीं होता राउंड
सदर अस्पताल में रविवार को भी मरीज भर्ती होते हैं. जिसे इमरजेंसी वार्ड से भर्ती किया जाता है, लेकिन रविवार को अस्पताल में चिकित्सकों का राउंड नहीं लगता है. इतना ही नहीं यदि मरीज शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद या रविवार को भर्ती होते हैं, तो सोमवार को ही चिकित्सक वार्ड में देखने आयेंगे. जबकि इस दौरान मरीजों को यदि किसी प्रकार की परेशानी होती है तो उन्हें खुद ही उठकर इमरजेंसी वार्ड जाना पड़ता है. अब ऐसे में मरीजों को होने वाली परेशानियों को खुद ही समझा जा सकता है. रविवार को भी वार्डों में चिकित्सकों का राउंड नहीं होने के कारण मरीज काफी परेशान नजर रहते हैं.अल्ट्रासाउंड भी रहता है बंद, प्राइवेट के भरोसे रोगी
सरकार द्वारा सभी प्रकार के जांच की सुविधा को 24×7 संचालित करने का निर्देश दिया गया है. जबकि सदर अस्पताल के प्रसव केंद्र में प्रत्येक माह 200 से अधिक प्रसव हो रहा है. ऐसे में रविवार को भी अस्पताल में प्रसव होता है, लेकिन यहां रविवार को अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती या मरीजों को बाहर पैसे देकर ही अपना अल्ट्रासाउंड जांच करना पड़ता है. इतना ही नहीं अस्पताल में पैथोलॉजी जांच भी 100 मीटर दूर प्री-फैब्रिकेटेड वार्ड में होता है. ऐसे में वार्डों में भर्ती मरीजों को खुद ही अपने जांच के लिये प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल जाना पड़ता है. कुल मिलाकर कहा जाये तो सदर अस्पताल में यदि आप रविवार को इलाज के लिये भर्ती होते हैं तो समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पायेगी.कहते हैं अस्पताल
उपाधीक्षक
सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रमन कुमार ने बताया कि रविवार को इमरजेंसी वार्ड का संचालन होता है. जहां के चिकित्सक द्वारा ही आवश्यकता पड़ने पर वार्ड में मरीजों को देखते हैं. हलांकि वार्डों के लिये ऑनकॉल चिकित्सक रहते हैं.——————————————-
बॉक्स———————————————
कहते हैं मरीज
– शनिवार की दोपहर पुरुष वार्ड में भर्ती जमालपुर निवासी 45 वर्षीय सुनील कुमार दास ने बताया कि जब से वह भर्ती हुआ है. उसे कोई चिकित्सक देखने नहीं आये हैं. उसे टाइफाइड बताया गया है, लेकिन कौन सा दवाई चल रहा है या कोई अन्य जांच कराना है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है. पूछने पर कहा जाता है कि ज्यादा परेशानी है तो इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक हैं. उससे मिले.
मरीज सुनील कुमार दास
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– कासिम बाजार निवासी वृद्ध भोपाल प्रसाद साह ने बताया कि शनिवार को तो डॉ रामप्रवेश आये थे. सुबह से सांस लेने में परेशानी हो रही है, लेकिन रविवार को कोई चिकित्सक नहीं आये हैं. उन्होंने बताया कि इमरजेंसी वार्ड जाकर चिकित्सक से दवा लिखानी पड़ी. जिसमें से भी कई दवाएं बाहर से लानी पड़ी.मरीज भोपाल प्रसाद साह
————————————————– शनिवार की दोपहर ही महिला वार्ड में भर्ती हुयी जमालपुर सदर बाजार निवासी 26 वर्षीय मरीज पिंकी खातून ने बताया कि उसे सांस लेने में तकलीफ है. शनिवार को इमरजेंसी वार्ड से भर्ती तो कर दिया गया, लेकिन बार-बार सांस में तकलीफ होने पर वापस इमरजेंसी वार्ड जाकर ही चिकित्सक से दवा लिखानी पड़ती है. जिससे परेशानी होती है.मरीज पिंकी खातूनB
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