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एस्टीमेट घोटाला : दो वर्ष बाद बेहतर सड़कों को पुन: बनाने के मामले की जांच करने पहुंची निगरानी की टीम

Updated at : 15 May 2025 7:53 PM (IST)
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एस्टीमेट घोटाला : दो वर्ष बाद बेहतर सड़कों को पुन: बनाने के मामले की जांच करने पहुंची निगरानी की टीम

नगर निगम मुंगेर के अधिकारी, कर्मचारी व अभियंता भी निगरानी टीम को यह बताने का प्रयास करते रहे कि इस योजना में कोई गड़बड़ी नहीं हुयी है.

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मुंगेर

शहर के बेहतर सड़क व नालों का गलत तरीके से एस्टीमेट बनाकर गड़बड़ी करने के मामले की जांच करने निगरानी विभाग पटना की टीम गुरुवार को मुंगेर पहुंची. यह मामला अप्रैल 2023 का है और दो वर्ष बाद मई 2025 में निगरानी की टीम गड़बड़ी से जुड़े साक्ष्य का आज भर दिन मूल्यांकन करती रही. इस मामले को लेकर टीम ने जहां इस धांधली के शिकायतकर्ता डा. हेमंत कुमार से मिलकर जानकारी ली और उनके साथ किला परिसर के कष्टहरणी घाट के समीप स्थित सड़कों का अवलोकन किया. वहीं अन्य सड़कों को खोद कर भी देखा. इस दौरान नगर निगम मुंगेर के अधिकारी, कर्मचारी व अभियंता भी निगरानी टीम को यह बताने का प्रयास करते रहे कि इस योजना में कोई गड़बड़ी नहीं हुयी है.

नगर निगम मुंगेर ने अप्रैल 2023 में ई-टेंडरिंग आमंत्रण सूचना संख्या 12/ 2022-23 के माध्यम से कुल 56 ग्रुप के कार्य की निविदा निकाली थी. इस निविदा में शहर के ऐसे दर्जनों सड़क और नालों का एस्टीमेट बनाया गया था. जो बिल्कुल ही दुरूस्त था. कुछ स्थानों पर शायद सड़क मरम्मत की आवश्यकता भी होती, लेकिन निगम के योजना प्रभारी एवं अभियंता ने मिलकर उन सड़कों के नवनिर्माण का एस्टीमेट बनाया और निविदा प्रकाशित की. जब यह मामला उजागर हुआ तो मुंगेर के आरटीआई कार्यकर्ता डा. हेमंत कुमार ने इस घांघली को लेकर मुंगेर के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही निगरानी विभाग से शिकायत की थी. उन्होंने शपथ पत्र के माध्यम से निगरानी विभाग को बताया था कि जिन 56 ग्रुप की निविदा निकल गई है. उसमें 80% सड़क व नाला पूर्व से निर्मित है. बावजूद उसका प्राक्कलन बनाकर धांधली की जा रही है. यदि टेंडर के योजनाओं की जांच की जाए तो इसमें एक बड़ा घोटाला सामने आएगा.

दो वर्ष बाद पहुंची निगरानी की टीम, कई स्थलों पर हुई जांच

मामले की दो वर्ष बाद निगरानी विभाग की टीम गुरुवार को मुंगेर पहुंची और जांच प्रारंभ की गयी. इसके तहत जहां किला परिसर के कष्टहरणी घाट समीप सड़कों की जांच की गयी. वहीं राजीव गांधी चौक के समीप वार्ड संख्या 13 में अजय राय के घर से मनोज जैन के घर तक पीसीसी सड़क व दोनों ओर नाला निर्माण के योजना की भी जांच की. जो सड़क उस समय पूरी तरह दुरूस्त था और बाद में सड़क के ऊपर सड़क बना दिया गया. इतना ही नहीं टीम ने हेरू दियारा में भी जाकर सड़क की खुदाई कर पड़ताल किया. निगरानी की टीम साक्ष्य के रूप में क्या इक्कठा किया है. यह तो स्पष्ट नहीं हो पाया, क्योंकि दो वर्ष पूर्व सड़क पर बने सड़क के मामले में शायद साक्ष्य मिलना भी अब मुश्किल भरा होगा.

तत्कालीन नगर आयुक्त ने करायी थी मामले की जांच

दुरूस्त सड़क व नालों के निर्माण का मामला जब प्रभात की सुर्खियां बनी थी तो मुंगेर के तत्कालीन नगर आयुक्त निखिल धनराज ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम बनाया था और मामले की जांच करायी गयी थी. जांच टीम ने अपनी रिर्पोट में इस बात का खुलासा किया था कि कुछ ऐसी सड़कों का प्राक्कलन बनाकर निविदा निकाला गया है. जो दुरूस्त है. रिर्पोट के आधार पर नगर आयुक्त ने चार सड़कों के निर्माण की निविदा को रद्द कर दिया था और विरोध के बावजूद 52 ग्रुप की निविदा की प्रक्रिया को अपनाते हुये सड़क व नाले का निर्माण करा लिया गया था.

कैसे चलता रहा है निगम में निविदा का खेल

नगर निगम में निविदा का बड़ा खेल वर्षों से चलता रहा है. नगर निगम का योजना विभाग, वैसे दुरूस्त सड़क व नाले का चयन करता है, जिसमें पुर्ननिर्माण कर बड़े पैमाने पर लाभ प्राप्त किया जा सकता है. अभियंताओं की टीम प्राक्कलन बनाती है और निगम के अधिकारी प्रशासनिक स्वीकृति देते हैं. अप्रैल 2023 के योजना में भी यही खेल हुआ और आज भी निगम के योजनाओं में यह खेल जारी है.

गलत प्राक्कलन व निविदा को लेकर हुआ था आंदोलन

अप्रैल 2023 में जब गलत प्राक्कलन व निविदा का मामला सामने आया था तो मुंगेर के राजनीतिक व समाजिक संगठनों ने आंदोलन भी किया था. जनाधिकार मोर्चा की ओर संजय केशरी के नेतृत्व में जहां नगर निगम के समक्ष आंदोलन किया गया था. वहीं इस मुद्दे को लेकर सर्वदलीय संघर्ष मोर्चा ने आयुक्त कार्यालय के समक्ष भी धरना प्रदर्शन किया था. मुंगेर के तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार सिंह ने इस मामले में जांच के आदेश दिये थे, लेकिन अब जबकि दो साल बाद निगरानी की टीम स्थल जांच कर रही है तो परिणाम भविष्य के गर्भ में है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT JHA

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By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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