ePaper

गणित एवं खगोलीय ज्ञान परंपरा शिक्षा के लिये सबसे महत्वपूर्ण

Updated at : 22 Dec 2025 6:28 PM (IST)
विज्ञापन
गणित एवं खगोलीय ज्ञान परंपरा शिक्षा के लिये सबसे महत्वपूर्ण

संस्कृत एवं गणित के पारस्परिक संबंधों को साक्ष्य सहित प्रस्तुत करते हुए वैदिक सूत्र ग्रन्थों से लेकर आर्यभट्ट,

विज्ञापन

महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के अवसर पर सेमीनार का आयोजन मुंगेर भारतीय बौद्धिक मनीषी रामानुजन के जन्म दिवस पर भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय गणित दिवस को लेकर सोमवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज के ऑडिटोरियम में गणित एवं संस्कृत विभाग द्वारा गणित दिवस का आयोजन किया गया. जहां उपस्थित विद्यार्थियों को गणित एवं खगोलीय ज्ञान परंपरा से अवगत कराया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. बिजेेंद्र कुमार ने किया. मुख्य अतिथि के रूप में एमयू के गणित पीजी विभागाध्यक्ष डॉ अमर कुमार तथा मुख्य वक्ता के रूप में वैदिक गणित के बिहार-झारखण्ड क्षेत्र के कन्वीनर रामचन्द्र आर्य थे. कार्यक्रम का आरंभ करते हुए संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ विश्वजीत विद्यालंकार ने संस्कृत एवं गणित के पारस्परिक संबंधों को साक्ष्य सहित प्रस्तुत करते हुए वैदिक सूत्र ग्रन्थों से लेकर आर्यभट्ट, महावीराचार्य, वरामिहिर आदि समस्त गणितज्ञ एवं खगोलीय ज्ञान परंपरा से सबको परिचित कराया. गणित विभागाध्यक्षा डॉ निलय ने रामानुजन जयंती एवं राष्ट्रीय गणित दिवस के महत्त्व को सप्रमाण प्रस्तुत करते हुए सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन किया. इस दौरान गणित विभाग के 15 छात्रों/छात्राओं शुभम, अंकित, हिमांशु, यशवीन, करिश्मा, श्वेतांगी, अभिनव आदि ने गणित से संबंधित विषयों को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुति किया. मुख्य अतिथि ने श्रीरामानुजन की प्रतिभा को सबके समक्ष प्रस्तुत किया. साथ ही कहा कि गणित एवं खगोलीय ज्ञान परंपरा शिक्षा के लिये सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं. मुख्य वक्ता ने पीपीटी के माध्यम से वैदिक गणित की बारीकियों से छात्र-छात्राओं को परिचित कराया. स्नातकोत्तर भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ गोपाल प्रसाद चौधरी ने रामानुजन जयंती समारोह की सार्थकता को बताते हुए कहा कि हमें अपने विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान कर उन्हें सही मार्गदर्शन देना होगा. अध्यक्षीय भाषण देते हुए कॉलेज के प्राचार्य ने गणित दिवस के आयोजन के उद्देश्यों पर विस्तार से अपनी बात रखी. मौके पर एनएसएस कॉर्डिनेटर मुनीन्द्र कुमार सिंह, डॉ बालकिशन, डॉ नीतेश नारायण, डॉ रुचि श्रीवास्तव, डॉ ज्योति, डॉ स्वीटी, डॉ कैलाश एवं गणित विभाग व संस्कृत विभाग के विद्यार्थी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMIT JHA

लेखक के बारे में

By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन