ePaper

विषहरी मंदिरों में सुहागिन महिलाओं ने चढ़ाया डालिया, गीत-संगीत व नाटक का उठाया लुत्फ

Updated at : 18 Aug 2025 10:47 PM (IST)
विज्ञापन
विषहरी मंदिरों में सुहागिन महिलाओं ने चढ़ाया डालिया, गीत-संगीत व नाटक का उठाया लुत्फ

प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विषहरी मंदिरों में सोमवार की सुबह से ही डलिया चढ़ाने के लिए महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी

विज्ञापन

असरगंज.

प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विषहरी मंदिरों में सोमवार की सुबह से ही डलिया चढ़ाने के लिए महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. विक्रमपुर स्थित विषहरी मंदिर में श्रद्धालुओं ने डलिया चढ़ाकर मां विषहरी की पूजा अर्चना की. मान्यता है कि देवी मनसा को डलिया चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है और सर्पदंश से रक्षा होती है. मालूम हो कि रविवार की रात बाला लखिंद्र की बारात निकाली गई और लखिंद्र की शादी बिहुला के शाद रचाई गई. मौके पर विक्रमपुर विषहरी मंदिर परिसर में स्थानीय कलाकारों द्वारा लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और अभिनय प्रस्तुत किया गया. जिसमें बिहुला की अमर कथा का जीवंत रूप से विशेष स्मरण किया गया. दिखाया गया कि बिहुला ने अपने पति बाला लखिंद्र को जीवनदान दिलाने के लिए देवी मनसा से संघर्ष किया था. सती बिहुला ने यमराज से अपने पति का जीवन सहित परिवार के सदस्यों का जीवन वापस ले लिया. इस दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालु रातभर मंदिर में डटे रहे और मां विषहरी के कहानी पर आधारित नाटक एवं गीत संगीत का आनंद लिया. श्रद्धालु ज्योति वैध ने बताया कि सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए मां विषहरी की पूजा करती है. निःसंतान दंपत्ति भी संतान प्राप्ति के लिए मां बिहुला की पूजा करती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANAND KUMAR

लेखक के बारे में

By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन