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माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगायी आस्था की डुबकी, मंदिरों में टेका माथा

Updated at : 01 Feb 2026 6:13 PM (IST)
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माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगायी आस्था की डुबकी, मंदिरों में टेका माथा

माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए विभिन्न घाटों पर रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर भगवान भास्कार को ध्यान किया

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चंडिका स्थान, बड़ी दुर्गा स्थान, बड़ा महावीर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में की पूजा-अर्चना

मुंगेर.

माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए विभिन्न घाटों पर रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर भगवान भास्कार को ध्यान किया. स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने चंडिका स्थान, बड़ी दुर्गा स्थान, बड़ा महावीर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करअपने परिवार के सलामती की कामना की. वहीं गंगा स्नान को लेकर उमड़ी भीड़ को लेकर शहर में कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी रही. जिसके कारण आम राहगीरों को खासे परेशानियों का सामना करना पड़ा़.

हिंदू धर्म में माघी पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व है. शास्त्रों में माघ स्नान और व्रत की महिमा बतायी गयी है. यही कारण है कि रविवार को माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान करके पूजा-पाठ और दान करने में मशगूल रहे. शहर के कष्टहरणी घाट, बबुआ घाट, सोझी घाट, जहाज घाट, कंकड़ घाट, बेलवा घाट, दुमंठा घाट, मय घाट, मनियारचक घाट, महेशपुर घाट सहित अन्य गंगा घाटों पर अहले सुबह से ही गंगा स्नान करने वालों की भीड़ लगी रही. सबसे अधिक कष्टहरणी घाट तथा बबुआ घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ थी. वैसे कष्टहरणी घाट पर निर्माण कार्य को लेकर रखे बोल्डर से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी.

गंगा घाट से 200 मीटर पूर्व तक लोगों की रही भीड़

इधर, गंगा घाट से 200 मीटर पूर्व तक जहां लोगों का रैला था, वहीं वाहनों की लंबी कतारें लग गयी थी. लागों को जहां गंगा तट तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी, वहीं गंगा स्नान करने के बाद वहां से बाहर आने में भी उतनी ही मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा था. गंगा स्नान को लेकर शहर में अत्यधिक वाहनों का दबाव बढ़ जाने के कारण कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. जिसे पुलिस बलों द्वारा बार-बार हटाये जाता रहा. वास्तव में माघी पूर्णिमा माघ मास का आखिरी दिन है और इसके ठीक अगले दिन से ही फाल्गुन की शुरूआत होती है. शास्त्रों में लिखा गया है कि माघी पूर्णिमा पर विधि विधान से पूजा करना काफी फलदायक होता है.

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RANA GAURI SHAN

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By RANA GAURI SHAN

RANA GAURI SHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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