मुंगेर में 53 वर्षों से आस्था का केंद्र बना है जमालपुर का संकट मोचन हनुमान मंदिर

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मुंगेर में 53 वर्षों से आस्था का केंद्र बना है जमालपुर का संकट मोचन हनुमान मंदिर

जुबली वेल चौक स्थित श्री श्री 108 संकट मोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु

Jamalpur Hanuman Mandir Darshan: स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सच्चे मन से यहां प्रार्थना करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यही कारण है कि प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. इसके अलावा दैनिक आरती में भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर पूजा-अर्चना करते हैं.

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मुंगेर के जमालपुर से विजय कुमार गुप्ता की रिपोर्ट:

Jamalpur Hanuman Mandir Darshan: रेल नगरी जमालपुर के हृदयस्थल जुबली वेल चौक पर स्थित श्री श्री 108 संकट मोचन हनुमान मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. इस मंदिर में पिछले 53 वर्षों से नियमित रूप से सुबह और शाम पूजा-अर्चना तथा आरती का आयोजन किया जा रहा है. मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं.

मंगलवार और शनिवार को उमड़ती है भक्तों की भीड़

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सच्चे मन से यहां प्रार्थना करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यही कारण है कि प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. इसके अलावा दैनिक आरती में भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर पूजा-अर्चना करते हैं.

रामनवमी और हनुमान जयंती पर होता है विशेष आयोजन

मंदिर में श्रीराम नवमी और हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है. इन आयोजनों में शामिल होने के लिए आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु जमालपुर पहुंचते हैं. धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के माहौल से सराबोर रहता है.

प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा में मंदिर की विशेष परंपरा

जमालपुर में शारदीय एवं बसंती नवरात्र के दौरान स्थापित मां दुर्गा और मां काली की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा में इस मंदिर की विशेष भूमिका रहती है. परंपरा के अनुसार विसर्जन के लिए निकलने वाली प्रत्येक प्रतिमा की आरती संकट मोचन हनुमान मंदिर में अनिवार्य रूप से की जाती है. इसके बाद ही प्रतिमाएं विसर्जन के लिए लगभग आठ किलोमीटर दूर मुंगेर के सोझी घाट के लिए रवाना होती हैं.

मंदिर से जुड़ी है कई परिवारों की आजीविका

संकट मोचन हनुमान मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि कई लोगों की आजीविका का भी आधार है. मंदिर के आसपास स्थित प्रसाद एवं पूजा सामग्री की दुकानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु लड्डू और अन्य सामग्री खरीदकर भगवान को अर्पित करते हैं. इससे स्थानीय दुकानदारों की रोजी-रोटी भी चलती है.

53 वर्षों से जारी है पूजा-पाठ की परंपरा

मंदिर के पुजारी मनीष कुमार पांडेय ने बताया कि श्री श्री 108 संकट मोचन हनुमान मंदिर जमालपुर के लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है. यहां प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित रूप से आरती की जाती है, जिसमें स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले 53 वर्षों से मंदिर में पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां निरंतर जारी हैं.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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