जिले में अवैध नर्सिंग होम व क्लिनिक का हो रहा संचालन, मरीजों की जान से खिलवाड़

Updated at : 07 Mar 2025 7:33 PM (IST)
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जिले में अवैध नर्सिंग होम व क्लिनिक का हो रहा संचालन, मरीजों की जान से खिलवाड़

जिले में खुलेआम जहां बिना निबंधन और बिना मानक नियमों के कई निजी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं.

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मुंगेर. जिले में खुलेआम जहां बिना निबंधन और बिना मानक नियमों के कई निजी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं. वहीं प्रतिदिन कुकरमुत्ते की तरह गली-मुहल्ले में निजी नर्सिंग होम खुल रहे हैं. जहां खुलेआम मरीजों के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन इसे रोकने व कार्रवाई करने में दिलचस्पी नहीें ले रही है.

अवैध निजी क्लिनिकों में मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़

जिले में अनेक निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक और जांच केंद्र बिना स्वास्थ्य विभाग से निबंधन के ही संचालित हो रहे हैं. जहां प्रतिदिन मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है. बीते कुछ दिनों में जिले में अवैध निजी नर्सिंग होम में मरीजों के जान से खिलवाड़ करने के कई मामले भी सामने आ चुके हैं. हाल यह है कि कई अवैध और बिना निबंधन वाले निजी नर्सिंग होम में खुद सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सक तक अपनी सेवा दे रहे हैं. जबकि इन निजी नर्सिंग होम में मरीजों से पैसे वसूलने के बाद उन्हें वापस सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही भेज दिया जाता है.

बिना निबंधन व मानक के चल रहे अवैध निजी नर्सिंग होम

अधिकांश निजी नर्सिंग होम द्वारा खुलेआम मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जाता रहा है. क्योंकि नर्सिंग होम में न तो मानक के अनुरूप सुविधाएं हैं और न ही विशेषज्ञ चिकित्सक हैं. जबकि जांच और दवा बिक्री की स्वीकृति नहीं होने के बाद भी निजी नर्सिंग होम में मरीजों की जांच की जाती है. हद हो यह है कि ऐसे अवैध निजी नर्सिंग होम और क्लिनिक पर कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य विभाग केवल जुर्माना की कार्रवाई ही कर रहा है.

स्वास्थ्य विभाग के कागजों पर ही सिमटा धावा दल

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में संचालित अवैध निजी नर्सिंग होम पर नकेल कसने के लिए भले ही धावा दल तक तैयार किया गया है. लेकिन यह खुद कागजों में ही सिमट कर रह गया है. जून 2024 माह में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुंगेर अनुमंडल, हवेली खड़गपुर अनुमंडल और तारापुर अनुमंडल के लिए अलग-अलग धावा दल तैयार किया गया है. जिसमें जिला प्रशासन की ओर से दंडाधिकारी को भी नियुक्त किया गया है. जिसे प्रत्येक 15 दिनों के अंतराल पर जिले में संचालित निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक एवं जांच केंद्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है. लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग का धावा दल केवल कागजों तक ही सिमट गया है. जबकि जिले में अवैध निजी नर्सिंग होम और क्लीनिक खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. क्लीनिकल स्टेबलिस्मेंट एक्ट के तहत जुर्माना के प्रावधान को भी सरकार ने हटा दिया है. अब 40 से कम बेड वाले निजी नर्सिंग होम तथा क्लीनिक को रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाना है. हालांकि यदि कोई चिकित्सक नहीं हैं और नर्सिंग होम चला जा रहा है, तो उनके विरूद्ध जांच कर कानून संगत कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए सरकार को पत्र भी भेज दिया गया है.

डॉ विनोद कुमार सिन्हा, सिविल सर्जन

निजी नर्सिंग होम में मरीजों की जान से खिलवाड़ के मामले

5 फरवरी 2025 :

हवेली खड़गपुर नगर परिषद क्षेत्र के पश्चिम अजीमगंज स्थित विनोद कुमार के निजी क्लिनिक पर इलाज के बाद गंभीर हालत में श्यामपुर गांव में श्याम यादव की 20 वर्षीय पत्नी प्रियंका कुमारी की मौत हो गयी. जहां परिजनों ने जमकर हंगामा किया था. वहीं घटना के बाद क्लीनिक संचालक वहां से फरार हो गया.

18 अगस्त 2024 :

असरगंज थाना क्षेत्र के चाफा गांव निवासी स्व. बिन्देश्वरी मंडल की 55 वर्षीय पत्नी शकुंतला देवी की मौत हो गयी. जिसका इलाज तारापुर के एक निजी नर्सिंग होम में खुद अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था. जबकि सरकारी चिकित्सक के अनुसार उक्त नर्सिंग होम बिना निबंधन के ही संचालित हो रहा था.

13 अगस्त 2024 :

तारापुर के एक निजी हॉस्पीटल में गनैली गांव निवासी मनोज सिंह के 16 वर्षीय पुत्र कृष कुमार की मौत हो गयी थी. जिसे लेकर परिजनों द्वारा हंगामा भी किया गया था. जबकि खुद स्वास्थ्य विभाग की जांच में उक्त निजी हॉस्पीटल बिना मानक के संचालित पाया गया था.

08 जून 2024 :

टेटियाबंबर के शिवनगर गांव निवासी रौशन कुमार की गर्भवती पत्नी रूपम कुमारी की तारापुर के एक निजी नर्सिंग होम में प्रसव के बाद अधिक रक्तस्त्राव के बाद अनुमंडल अस्पताल भेज दिया गया. जहां उसकी मौत हो गयी. परिजनों द्वारा प्रसूता की मौत के बाद निजी नर्सिंग होम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया गया था.

29 मार्च 2024 :

मुंगेर शहर के एक निजी नर्सिंग होम में गर्भवती पंचरूखी निवासी मनीष कुमार की पत्नी सोनम कुमारी की हालत बिगड़ने के बाद उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. जहां गैसपीन पर आने के कारण उसकी मौत हो गयी. वहीं परिजनों द्वारा निजी नर्सिंग होम पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया था.

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