ePaper

हृदयाघात से पीड़ित मरीजों को सीपीआर देने की विधि से अवगत हुए स्वास्थ्यकर्मी

Updated at : 14 Oct 2025 7:40 PM (IST)
विज्ञापन
हृदयाघात से पीड़ित मरीजों को सीपीआर देने की विधि से अवगत हुए स्वास्थ्यकर्मी

मस्तिष्क और अन्य अंगों में रक्त प्रवाह जारी रहता है, जब तक कि सामान्य हृदयगति बहाल न हो जाए.

विज्ञापन

तारापुर अनुमंडल अस्पताल, तारापुर में मंगलवार को हृदयघात के दौरान मरीजों को सीपीआर देने की विधि के तौर तरीकों को सिखाने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. अस्पताल की प्रभारी उपाधीक्षक डाॅ बिंदु कुमारी की अगुआई में आयोजित शिविर में चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ मदन कुमार पाठक ने स्वास्थ्यकर्मियों को सीपीआर देने की तकनीक के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि हृदय की धड़कन रुकने पर मरीज को सीपीआर देने से जीवन बचाने की संभावना 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. हृदयघात के बाद शुरुआती पांच मिनट मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में यदि प्रशिक्षित व्यक्ति सीपीआर देना शुरू कर दें, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है. सीपीआर एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जो किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाने पर की जाती है. इससे मस्तिष्क और अन्य अंगों में रक्त प्रवाह जारी रहता है, जब तक कि सामान्य हृदयगति बहाल न हो जाए. यह तकनीक न केवल डाक्टरों के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी जीवन रक्षक सिद्ध हो सकती है. शिविर के उपरांत सभी उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने ईमानदारीपूर्वक मरीजों की सेवा और उपचार में समर्पित रहने की शपथ ली. मौके पर डाॅ राकिफ रजा, डाॅ मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक मनीष कुमार प्रणय सहित स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANAND KUMAR

लेखक के बारे में

By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन