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हर मनुष्य को गुरु व ईश्वर के साथ संबंध स्थापित करना चाहिए : स्वामी निरंजनानंद

Updated at : 07 Jul 2025 7:00 PM (IST)
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हर मनुष्य को गुरु व ईश्वर के साथ संबंध स्थापित करना चाहिए : स्वामी निरंजनानंद

संन्यास पीठ पादुका दर्शन परिसर में सोमवार से गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम प्रारंभ हुआ. हनुमान चालीसा के मंगलकारी पाठ से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ.

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संन्यास पीठ पादुका दर्शन परिसर में शुरू हुआ गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम

मुंगेर. संन्यास पीठ पादुका दर्शन परिसर में सोमवार से गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम प्रारंभ हुआ. हनुमान चालीसा के मंगलकारी पाठ से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. उसके बाद आश्रम के संन्यासियों द्वारा मंत्रों व स्तोत्रों का पाठ भी किया गया. योग विद्यालय के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल संदेश यह है कि हर मनुष्य को गुरु और ईश्वर के साथ संबंध स्थापित करना चाहिए, क्योंकि गुरु ही जीवन की मुख्य प्रेरणा होते हैं. गुरु वह प्रकाश की किरण है, जो भगवान के ह्रदय से निकलती है और वह प्रकाश हमारे जीवन के तमस, अंधकार व कलुषता को दूर कर हमें पुरुषार्थ में स्थापित करता है. सदगुरु गायत्री को इस गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम का प्रधान विषय घोषित करते हुए स्वामी निरंजन ने कहा कि यह गायत्री तीन भागों में बंटी है. ऊॅं शिवानंदाय विद्मेह, सत्यानंदाय धीमहि, तन्नो सद्गुरु प्रयोदयात्. जो पहला भाग है शिनानंदाय विद्मेह वह एक प्रार्थना है. उस परमतत्व से कि मुझे शिव और आनंद का ज्ञान हो. मुझे उन सभी रचनात्मक और सकारात्मक गुणों का ज्ञान हो जो मुझे आनंद व संतोष की अवस्था का अनुभव कराये. मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर-नारी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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