Munger news : सोशल मीडिया पर परीक्षा की फर्जी सूचना से विद्यार्थी हो रहे परेशान

Munger news : गुरुवार को सोशल मीडिया पर चल रही एमयू की स्नातक की परीक्षा से संबंधित फर्जी सूचना को लेकर विद्यार्थी परेशान रहे.
Munger news : मुंगेर विश्वविद्यालय के नाम पर सोशल मीडिया जैसे वाट्सअप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर कई फर्जी अकाउंट खुलेआम चल रहे हैं. इस पर आये दिन विश्वविद्यालय की परीक्षा व नामांकन समेत कई फर्जी सूचनाएं चलती रहती हैं. इसके कारण कई बार विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. गुरुवार को सोशल मीडिया पर एमयू द्वारा बीते दिनों बाढ़ के कारण स्थगित किये गये सत्र 2022-25 स्नातक पार्ट-1 बैकलॉग तथा सत्र 2022-25 स्नातक पार्ट-2 परीक्षा की दोबारा तिथि निर्धारण को लेकर फर्जी अधिसूचना चलती रही. इसके कारण कई विद्यार्थी परेशान रहे. पर, अबतक एमयू प्रशासन सोशल मीडिया पर चल रहे इन फर्जी अकाउंट पर रोक नहीं लगा पा रहा है.
परीक्षा को लेकर दोबारा तिथि निर्धारित नहीं
गुरुवार को सोशल मीडिया पर चल रही मुंगेर विश्वविद्यालय की स्नातक की परीक्षा से संबंधित फर्जी सूचना को लेकर विद्यार्थी परेशान रहे. इसमें कहा गया था कि बीते दिनों बाढ़ को लेकर विश्वविद्यालय ने सत्र 2022-25 स्नातक पार्ट-1 बैकलॉग तथा सत्र 2022-25 स्नातक पार्ट-2 परीक्षा को स्थगित कर दिया था. इसकी परीक्षा अब आगे आनेवाले त्योहारों को देखते हुए 11 नवंबर के बाद ली जायेगी. यह निर्णय विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. हालांकि जब प्रभात खबर ने इस अधिसूचना को लेकर विश्वविद्यालय से जानकारी प्राप्त की, तो एमयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो अमर कुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण स्थगित स्नातक की परीक्षा को लेकर अबतक विश्वविद्यालय ने दोबारा तिथि का निर्धारण नहीं किया है. सोशल मीडिया पर परीक्षा को लेकर जो सूचना चल रही है, वह पूरी तरह फर्जी है.
एमयू प्रशासन नहीं उठा रहा कोई कदम
एमयू के लिए सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी अकाउंट पर चलने वाली भ्रामक व फर्जी सूचनाएं विद्यार्थियों के साथ खुद विश्वविद्यालय के लिए लंबे समय से मुसीबत बन रही हैं. इसके बावजूद अबतक एमयू प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह मौन धारण किये हुए है. इसका फायदा विश्वविद्यालय के नाम पर विद्यार्थियों से पैसे की उगाही करने वाले बिचौलिये उठाते हैं. बता दें कि एमयू के नाम पर चल रहे फर्जी अकाउंट पर कई बार भ्रामक व फर्जी सूचनाओं के कारण ही विद्यार्थी निर्धारित समय पर नामांकन या परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह जाते हैं. इसके कारण विश्वविद्यालय प्रशासन को बार-बार नामांकन व अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं के लिए तिथि को विस्तारित करना पड़ता है. इससे एमयू की नामांकन व अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाएं खुद विद्यार्थियों के लिए ही लंबी और उबाऊ हो जाती हैं. साथ ही इसके कारण विद्यार्थी भी एमयू के कॉलेजों में नामांकन से दूर होते जा रहे हैं. सबसे बड़ी बात तो यह है कि इन फर्जी सूचनाओं का सबसे अधिक फायदा विद्यार्थियों से नामांकन व अन्य शैक्षणिक प्रक्रिया के नाम पर पैसे की उगाही करनेवाले बिचौलिये उठाते हैं. ऐसे कई मामले विश्वविद्यालय के सामने पूर्व में ही आ चुके हैं. पर, विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी अकाउंट पर रोक लगाने को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है.
सोशल मीडिया पर चल रही सूचना फर्जी : ओएसडी
कुलपति के ओएसडी डॉ प्रियरंजन तिवारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर जो सूचना चल रही है, वह पूरी तरह फर्जी है. विश्वविद्यालय द्वारा जो भी सूचना नामांकन व अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को लेकर जारी की जाती है, उसे वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है. ऐसे में विद्यार्थी केवल वेबसाइट पर अपलोड सूचना को ही सही मानें. सोशल मीडिया पर चलनेवाली किसी भी सूचना की पुष्टि विश्वविद्यालय नहीं करता है.
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By Sharat Chandra Tripathi
Sharat Chandra Tripathi is a contributor at Prabhat Khabar.
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