ईडब्लूएस से संबंधित प्राप्त आवेदनों का समय पर करें निष्पादित : सर्वण आयोग

Published by : BIRENDRA KUMAR SING Updated At : 29 Jan 2026 6:36 PM

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राज्य सरकार उच्च जातियों के विकास के लिए प्रयासरत है

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उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग की बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त एवं सभी जिलाधिकारियों तथा बुद्धिजीवियों ने लिया भाग मुंगेर उच्च जातियों के विकास के लिए बनी राज्य आयोग की प्रमंडलीय बैठक आयोग के अध्यक्ष डॉ महाचंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को संग्रहालय सभागार में संपन्न हुई. जिसमें उच्च जातियों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा एवं भविष्य में उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य योजना तैयार करने पर गंभीर चर्चा हुई. मौके पर आयोग के उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, सदस्य जयकृष्ण झा, प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, खगड़िया के जिलाधिकारी नवीन कुमार, मुंगेर के डीएम निखिल धनराज सहित सभी जिला के डीएम, इससे जुड़े पदाधिकारी, बुद्धिजीवि, समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों उपस्थित थे. आयोग ने अध्यक्ष ने बताया कि राज्य सरकार उच्च जातियों के विकास के लिए प्रयासरत है और इसे लेकर उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग का गठन किया है. जिसका अभी छह महीने हुआ है. उन्होंने कहा कि आयोग को आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों द्वारा यह बात लगातार संज्ञान में दिया जा रहा है कि ईडब्लूएस प्रमाण पत्र बनाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिसके कारण पात्र व्यक्ति प्रमाण पत्र बनवाने से वंचित हो जाते हैं. बैठक में मौजूद सभी छह जिलों के जिलाधिकारियों ने बताया कि ईडब्लूएस प्रमाण पत्र से संबंधित प्राप्त आवेदनों का समय पर निष्पादन किया जा रहा है. कुछ मामलों में कागजात की कमी होने पर आवेदन लंबित है. जिस पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि अब किसी भी ईडब्ल्यूएस आवेदन को बिना ठोस कारण के अस्वीकृत नहीं करें, हर रिजेक्शन का लिखित कारण देना अनिवार्य होगा. लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का उन्होंने निर्देश दिया. उन्होंने बैठक में कहा कि यह बात संज्ञान में आया है कि जिला अंतर्गत विभिन्न नियोजन इकाईयों द्वारा प्रमाण पत्र की वैद्यता निर्गत होने की तिथि एक वर्ष न मानकर केवल वित्तीय वर्ष की समाप्ति मानी जाति है. उन्होंने प्रमंडलीय आयुक्त को निर्देश दिया कि इसकी समीक्षा वे अपने स्तर से करते हुए आयोग को अवगत कराये. बैठक में बुद्विजीवियों, समाजसेवियों, जन प्रतिनिधियों ने ईडब्लूएस प्रमाण पत्र की वैद्यता तीन वर्ष करने, केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों में ईडब्लूएस वर्ग के बच्चों को भी नामांकन के सीट आरक्षित करने, प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए मापदंड को सुगम बनाने, राज्य सरकार द्वारा आयाेजित प्रतियोगिता परीक्षा में ईडब्लूएस अभ्यर्थियों को अधिकतम उम्र सीमा पुरुष के लिए 40 व महिलाओं के लिए 45 करने का सुझाव दिया. साथ ही अन्य वर्गों की तरह प्रीमैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति का लाभ, बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में सफल ईडब्लूएस अभ्यर्थियों को भी प्रोत्साहन राशि देने, छात्रावास व कोचिंग की सुविधा देने, आवेदनों को अस्वीकृत करने के बदले अभ्यर्थियों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए एक निर्धारित समय सीमा देते हुए मैसे मोबाइल पर भेजने का सुझाव दिया.

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