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जल संकट : अमृत योजना से भी नहीं बुझी मुंगेर शहरवासियों की प्यास, अब निगम करायेगी सर्वे

Updated at : 02 Feb 2026 6:50 PM (IST)
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जल संकट : अमृत योजना से भी नहीं बुझी मुंगेर शहरवासियों की प्यास, अब निगम करायेगी सर्वे

अधिकारियों को फटकार लगाया तो सिस्टम जागी है.

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– बुडको व जेएमसी का दावा 39 हजारों घरों में पहुंच रहा पानी, हकीकत 60 प्रतिशत घरों तक भी नहीं पहुंच रहा पानी

– दिशा की बैठक में केंद्रीय मंत्री सह सांसद ललन सिंह ने बुडको ईई को लगायी थी फटकार कहा था हमको पढ़ा रहे है

मुंगेर.

गंगा तट पर बसे मुंगेर शहरवासियों की प्यास बुझाने के लिए पानी पर पानी की तरह रूपया बहाया गया. लेकिन नतीजा शहर की सुबह पानी की जद्दोजहद के साथ शुरू होती है. सुबह होते ही लोग बल्टी, गैलन, जार लेकर पानी के लिए जद्दोजहद करते हैं. लेकिन जिम्मेदार जिला प्रशासन, नगर निगम और बुडको शांत भाव से तमाशा देख रही है. लेकिन दिशा की बैठक में जब केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बुडको व पीएचईडी के अधिकारियों को फटकार लगाया तो सिस्टम जागी है. अब नगर निगम शहरी जलापूर्ति योजना की हकीकत का सर्वे करायेंगी.

198.76 करोड़ की अमृत योजना भी नहीं बुझा पा रही प्यास

मुंगेर शहर को अमृत योजना में शामिल करते हुए नयी शहरी पेयजलापूर्ति योजना प्रारंभ की गयी थी. 198.76 करोड़ रूपया इस योजना पर खर्च किया गया. पानी की आपूर्ति बताकर उसका मेंटनेंस कार्य भी शुरू कर दिया. क्योंकि निर्माण एजेंसी को ही पांच वर्षों तक इसकी देखभाल करनी है. बुडको और निर्माण करने वाली जेएमसी एजेंसी का दावा है कि शहर के 45 वार्ड में मात्र 32 वार्ड में उनको पांच जलमीनार के माध्यम से पानी की सप्लाई करनी है. 39 हजार 921 घरों में दो टाइम पानी की सप्लाई की जानी है. लेकिन हकीकत यह है कि 25 हजार घरों में भी पानी नहीं पहुंच रही है. इतना ही नहीं लगभग 8 हजार ऐसे घर है, जिनको अभी तक कनेक्शन नहीं दिया गया है.

पहले भी पानी पर हो चुका है करोड़ों की राशि

पूर्व में मुंगेर शहरवासियों को कस्तूरबा वाटर वर्क्स के द्वारा गंगा नदी के जल को शुद्ध कर शहरवासियों को पाइप द्वारा जल उपलब्ध कराया जा रहा था. उस समय शहर में जलापूर्ति को लेकर छह टावर कार्यरत थे. वर्तमान समय में उस छह टावर में से मात्र दो टावर कार्यरत हैं. काफी समय तक मुंगेर शहरी क्षेत्र में पानी आपूर्ति ठप रही. जिसके बाद शहरी जलापूर्ति को सुदृढ करने की योजना बनी और नगर विकास विभाग ने सुदृढ़ जलापूर्ति व्यवस्था के लिए वर्ष 2007 शहरी जलापूर्ति योजना शुरू किया गया. पीएचइडी की देखरेख में जिंदल ने अक्टूबर 2018 में कार्य पूर्ण भी कर लिया. पीएचईडी 13 वार्ड 1,8,10,11,12,18,19,20,29,30, 31,32 एवं 33 वार्ड में पानी की सप्लाई कर रही थी. लेकिन ठेकेदारी प्रथा की भेंट चढी योजना ने कुछ दिनों में ही दम तोड़ दिया और इन वार्डों में पानी की सप्लाई अब भी बंद है. हालांकि फरवरी 2025 में विभागीय निर्देश पर पीएचइडी ने अपनी योजना नगर निगम मुंगेर को हैंडओवर कर दिया था.

सुबह होते ही पानी के लिए शुरू हो जाती है जद्दोजहद

उत्तरवाहिनी गंगा तट पर बसे मुंगेर शहर के लोग पानी के लिए काफी परेशान है. यह एक ऐसा शहर है जहां पानी पर अरबो रूपये खर्च कर दिये गये, लेकिन आज भी शहरवासियों को पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है. यहां सुबह होते ही लोग पानी के लिए डब्बा लेकर दौड़ लगाते हैं. लोग साइकिल, ठेला और रिक्शा पर डब्बा रख कर पानी ले जाते आपको सुबह के समय मिल जायेंगे. वैसे बुडको के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि शहर के 32 वार्ड में वर्तमान समय में सुबह और शाम दो टाइम 39 हजार घरों में पानी की सप्लाई की जा रही है. लोंगो के शिकायत पर जांच कराया जायेगा कि किस वार्ड में और किन घरों में कनेक्शन के बावजूद पानी नहीं आ रहा है. वहां अविलंब पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराया जायेगा.

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निगम प्रशासन ने शुरू कराया सर्वे, वार्ड जमादार को दी गयी जिम्मेदारी

मुंगेर : नगर निगम प्रशासन ने बुडको और जेएमसी द्वारा 39 हजार घरों में पानी की आपूर्ति करने के हकीकत जानने के लिए सर्वे कार्य कराने का निर्णय लिया है. जिसकी जिम्मेदारी सभी वार्ड जमादार को दी गयी है. सर्वे को लेकर सोमवार को निगम कार्यालय सभागार में वार्ड जमादार का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता की अध्यक्षता में हुई. जिसमें वार्ड जमादार को अपने-अपने वार्ड के क्षेत्र में घर-घर घूम कर यह सर्वे करने को कहा गया कि किस घर में कनेक्शन है अथवा नहीं, कनेक्शन है तो पानी की आपूर्ति हो रही है अथवा नहीं. नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि सभी वार्ड जमादार को इस सर्वे के लिए मोबाइल पर एप दिया गया था. लेकिन जानकारी के अभाव में एप पर काम करना उनलोगों को मुश्किल हो रहा है. इसलिए इनको पैन एवं पेपर में सर्वे कार्य करने को लेकर जानकारी दी गयी. इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य शहर के कितने घरों में पानी का सप्लाई हो रहा है अथवा नहीं, पानी सप्लाई नियमित हो रही है अथवा नहीं, कितने घर कनेक्शन से अछूता है. इसी सर्वे पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार किया जायेगा और जो भी कमियां मिलेंगी उसे दूर कराया जायेगा. ताकि शहरवासियों को समुचित तरीके से पेयजलापूर्ति हो सके.

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BIRENDRA KUMAR SING

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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