गंगा के बढ़ते जलस्तर से तबाही : रूखा-सूखा खाकर दिन गुजारा कर रहे पीड़ित

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गंगा के बढ़ते जलस्तर से तबाही : रूखा-सूखा खाकर दिन गुजारा कर रहे पीड़ित

गंगा के बढ़ते जलस्तर से तबाही : रूखा-सूखा खाकर दिन गुजारा कर रहे पीड़ित

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हवेली खड़गपुर/ बरियारपुर.

अचानक मंगलवार की देर रात गंगा के जलस्तर में हुई वृद्धि से खड़गपुर व बरियारपुर में बाढ़ की तबाही दिखने लगी है. खड़गपुर का चार पंचायत जलमग्न है. भदौरा गांव स्थित पंचायत सरकार भवन व मध्य विद्यालय में बाढ़ की पानी घुस गया है. बरियारपुर में कई गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क भंग हो गया है. ग्रामीण उंचे स्थानों पर शरण लेने लगे हैं.

हवेली खड़गपुर.

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से प्रखंड के तेलियाडीह, नाकी, बहिरा और अग्रहण पंचायत के लगभग दर्जन भर से अधिक गांवों का अधिकांश हिस्सा जलमग्न हो गया है. तेलियाडीह पंचायत का कृष्णा नगर, बिलिया, नाकी गांव के जागीर, लक्ष्मीपुर, बहिरा पंचायत के भदौरा, निचली गालिमपुर, अग्रहण पंचायत का सठबिग्घी, लक्ष्मण टोला, मंझगाय, मंझगांयडीह, अग्रहण, कुराबा पूरी तरह बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है. कृष्णा नगर, भदौरा, सठबिग्घी, लक्ष्मण टोला, मंझगाय, मंझगांयडीह गांव की सड़क जलमग्न है. इन गांवों में पहुंचने वाली सड़क या तो डूब गए हैं या सड़क पर पानी चढ़ने को है. भदौरा गांव में पंचायत सरकार भवन और मध्य विद्यालय भदौरा भी जलमग्न हो गया है. भदौरा पंचायत सरकार भवन पहुंचने के लिए पंचायत कर्मियों और ग्रामीणों को गहरे पानी में प्रवेश कर पहुंचना पड़ रहा है. इधर जिस प्रकार से जलस्तर में इजाफा हो रहा है उससे यह संभावना जताया जा रहा है कि अगर जलस्तर की रफ्तार बढ़ती रही तो चार पंचायत पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगेगा. फिलहाल भदौरा गांव के कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है और लोग जरूरी समानों को सुरक्षित स्थानों पर रखने लगे हैं. खासकर पशुपालक मवेशियों को उंचे स्थानों पर लेकर जा रहे हैं.

बरियारपुर.

गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से बरियारपुर प्रखंड का निचला इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है. कई गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क पथ भंग हो चुका है और पीड़ित ऊंचे स्थानों पर शरण लेने लगे हैं. हालांकि अभी तक प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है. बाढ़ के पानी में डूबे गांव के लोग रेलवे लाइन के बगल में या फिर आसपास के ऊंचे सड़कों पर पॉलिथीन का टेंट बनाकर रह रहे हैं और रुख-सूखा खाकर अपने परिवार के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं. प्रखंड मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर रतनपुर गांव का संपर्क पथ मुख्य मार्ग से भंग हो चुका है. ऋषिकुंड रेलवे हॉल्ट के समीप रतनपुर जाने वाली मार्ग पर एक फीट ऊंचा पानी का बहाव हो रहा है. रतनपुर सहित आसपास गांव का आबादी लगभग 10 हजार है. अब उन सभी को मुख्य मार्ग तक आने के लिए 10 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर आना पड़ेगा. ब्रह्मस्थान फुलकिया पथ एवं अनुसूचित कल्याण टोला पथ पर भी पानी का बहाव हो रहा है. पशुपालकों के लिए पशु रखना एक मुसीबत बन गई है. प्रखंड का लालजी टोला, नजीरा, मुरला मुसहरी, रघुनाथपुर सहित दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर चुका है.

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