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सीनेट बैठक में आश्वासन के बावजूद कुलसचिव मामले में नहीं हुई जांच

Updated at : 16 Nov 2025 6:57 PM (IST)
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सीनेट बैठक में आश्वासन के बावजूद कुलसचिव मामले में नहीं हुई जांच

विश्वविद्यालय द्वारा राजभवन से पत्र मिलने के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुये उनसे पद ले लिया गया,

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– कुलसचिव पर उनके पूर्व के कॉलेज में लगे आरोपों को लेकर सीनेट बैठक में कुलपति ने विश्वविद्यालय स्तर से जांच का दिया था आश्वासन

मुंगेर

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मुंगेर विश्वविद्यालय इन दिनों अपने अधिकारियों और कर्मियों पर लगे अनियमितता के आरोपों को लेकर पूरी तरह मौन बना हुआ है. जबकि सक्षम प्राधिकार की बैठक दौरान सदस्यों को दिये गये आश्वासन को लेकर भी पूरी तरह लापरवाह बना है. इस साल हुये सीनेट बैठक में कुलपति प्रो संजय कुमार द्वारा वर्तमान कुलसचिव प्रो घनश्याम राय पर उनके पूर्व के कॉलेजों में लगे आरोपों को लेकर विश्वविद्यालय स्तर से जांच करने का आश्वासन देने के बाद भी अबतक इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. वहीं इसी साल जमालपुर कॉलेज, जमालपुर के पूर्व प्राचार्य एके पोद्दार द्वारा बिना विश्वविद्यालय अनुमति के कॉलेज के फंड से अग्रिम के रूप में 10.45 लाख निकासी के मामले में भी स्पष्टीकरण के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गयी. अब ऐसे में जहां विश्वविद्यालय द्वारा राजभवन से पत्र मिलने के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुये उनसे पद ले लिया गया, वहीं इन दोनों मामलों में विश्वविद्यालय प्रबंधन के मौन से एमयू के कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है.

बिना अनुमति राशि निकासी में केवल पूछा गया स्पष्टीकरण

एमयू के कुलपति प्रो संजय कुमार द्वारा 25 जनवरी 2025 को जमालपुर कॉलेज, जमालपुर के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य प्रो अशोक कुमार पोद्दार से स्पष्टीकरण पूछा गया. जिसमें उनसे पूछा गया कि विभिन्न स्त्रोतों से जानकारी मिली है कि उनके द्वारा बिना विश्वविद्यालय की पूर्वानुमति के महाविद्यालय के सैलरी फंड से 10 लाख 45 हजार 950 रूपये की राशि अग्रिम के तौर पर निकासी कर ली गयी. जो लेखा नियमों के प्रतिकुल है. इस अनैतिक कार्य के लिये उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं प्रारंभ किया जाये. इसके लिये 24 घंटे में अपना स्पष्टीकरण देंगे. हलांकि इसके बाद 27 जनवरी को तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य प्रो अशोक कुमार पोद्दार द्वारा अपना स्पष्टीकरण विश्वविद्यालय को दिया गया. जिसमें कहा गया कि उनके द्वारा अपनी पत्नी के इलाज के लिये महाविद्यालय कोष से तीन माह का अग्रिम हेतु 28 अगस्त 2024 को कुलसचिव कार्यालय को पत्र भेजा गया था. पांच माह बाद भी अग्रिम को लेकर किसी प्रकार का लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ. पूर्व में भी विश्वविद्यालय के 11.9.2023 के पत्र के अनुसार निर्देशित किया गया था कि महाविद्यालय स्तर से होने वाले कार्य को महाविद्यालय स्त्र से ही निष्पादित किया जाये. ऐसे में पत्नी की तबीयत अधिक खराब होने और उसके इलाज को लेकर मजबूरन तीन माह अग्रिम वेतन महाविद्यालय के कोष से लेना पड़ा. हलांकि स्पष्टीकरण का जवाब मिलने के 10 माह बाद भी अबतक विश्वविद्यालय द्वारा प्रो अशोक कुमार पोद्दार के वेतन से अग्रिम राशि का समायोजन आरंभ नहीं किया गया है.

कुलसचिव मामले में भी आश्वासन के बाद नहीं हुयी जांच

बता दें कि मिथिला विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेज यूआर कॉलेज रोसड़ा में दीमक मारने पर 22.60 लाख रुपया खर्च किये जाने का मामला लगातार अखबारों की सुर्खियां बना था. जिसमें कॉलेज के प्राचार्य डॉ मीना प्रसाद द्वारा विश्वविद्यालय को भेजी गयी गोपनीय रिपोर्ट का हवाला देते हुये पूर्व के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ घनश्याम राय वर्तमान में मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव पर 14 महीने के कार्यकाल के दौरान कॉलेज निधि का दुरुपयोग किये जाने का मामला आया था. रिर्पोट के अनुसार पूर्ववर्ती प्रभारी प्राध्यापक डॉ घनश्याम राय मात्र 14 महीने के छोटे से कार्यकाल के दौरान लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च करने सहित व्यय में कई खामियां मिलने की बात कही गयी है. इतना ही नहीं इस मामले को लेकर मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा जांच कमिटी भी बनायी गयी. वहीं सितंबर माह में हुये एमयू के सीनेट बैठक में इस मामले को सीनेट सदस्य डॉ अजय कुमार द्वारा उठाया गया. जिसमें कुलपति प्रो संजय कुमार द्वारा मामले की जानकारी न होने और इसका विश्वविद्यालय स्तर से जांच किये जाने का आश्वासन सीनट सदस्यों को दिया गया, लेकिन बैठक के दो माह बाद भी अबतक इसे लेकर विश्वविद्यालय स्तर से कुछ नहीं किया गया.

कहते हैं कुलपति

कुलपति प्रो संजय कुमार ने कहा कि प्रो अशोक कुमार पोद्दार मामले में स्पष्टीकरण पूछा गया था. जिसका जवाब मिला है. अग्रिम राशि का समायोजन उनके वेतन से किया जायेगा. वहीं कुलसचिव से जुड़ा मामला मिथिला विश्वविद्यालय से जुड़ा है. जिसके लिये मिथिला विश्वविद्यालय से पत्राचार किया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT JHA

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By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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