टेटियाबंबर, बरियारपुर व धरहरा में खुलेंगे डिग्री कॉलेज, जुलाई से सत्र आरंभ करने की तैयारी
Updated at : 05 Feb 2026 7:10 PM (IST)
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ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, विशेषकर लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में होगी सुविधा
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मुंगेर. बालक-बालिकाओं को अब उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपने प्रखंड से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि डिग्री कॉलेज से वंचित जिले के तीन प्रखंड टेटियाबंबर, बरियारपुर व धरहरा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जायेगी. जब तक अपना भवन नहीं हो जाता है, उसे स्कूलों से टैग कर संचालित किया जायेगा. जिला प्रशासन जुलाई 2026 से सत्र भी आरंभ करने की तैयारी में जुट गया है.
जिलाधिकारी निखिल धनराज ने बताया कि सात निश्चय-3 के चौथे निश्चय उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों विशेषकर लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा हो. सरकार के इस फैसले से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, विशेषकर लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलेगी. इसी कड़ी में डिग्री कॉलेज से वंचित जिले के तीन प्रखंड टेटियाबंबर, बरियारपुर और धरहरा में भी डिग्री कॉलेज खोला जायेगा. इसको लेकर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है.जुलाई से आरंभ होगा सत्र, तैयारी प्रारंभ
डीएम ने बताया कि तीनों प्रखंड में तत्काल वैसे स्कूल का चयन किया जायेगा, जहां पर 8-10 वर्ग कक्ष हो. चयनित स्कूल से डिग्री कॉलेज को टैग किया जायेगा, ताकि जुलाई से उस स्कूल में डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू किया जा सके. इसके बाद प्रखंडों में पांच एकड़ जमीन का चयन कर वहां पर स्थाई रूप से डिग्री कॉलेज भवन का निर्माण कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि इसको लेकर प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी गयी. उन्होंने कहा जुलाई 2026 से डिग्री की पढ़ाई इन तीनों प्रखंड में शुरू करा दी जायेगी, ताकि यहां के छात्र-छात्राओं को उनके प्रखंड में ही डिग्री की पढ़ाई पूरी हो सके.डिग्री कॉलेज खुलने से बालिका शिक्षा को मिलेगी रफ्तार
मुंगेर.
टेटियाबंबर, बरियारपुर और धरहरा जिले के सुदूरवर्ती प्रखंडों में आता है. यहां वर्षों से डिग्री कॉलेज की मांग हो रही थी. डिग्री कॉलेज नहीं होने से छात्र तो जिला मुख्यालय के कॉलेजों में नामांकन करा डिग्री की पढ़ाई पूरी कर ले रहे हैं, लेकिन गरीब छात्रों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है. इतना ही नहीं डिग्री कॉलेज खुलने से बालिका शिक्षा को रफ्तार मिलेगी. गरीबी और दूरी की वजह से इन प्रखंडों की अधिकांश बालिकाओं की शिक्षा इंटर तक ही सिमट कर रह जाती है. डीएम ने बताया कि डिग्री कॉलेज खुलने से गरीब छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए परेशानी नहीं उठानी होगी. प्रखंडों में ही जुलाई से डिग्री की पढ़ाई उनको मुहैया करायी जायेगी.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
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