Munger, स्वच्छ तारापुर बोर्ड के नीचे कचरा में खाना तलाशतीं गायें

स्वच्छ तारापुर बोर्ड के नीचे कचरे में खाना तलाशतीं गायें
तारापुर मुंगेर से संजय वर्मा की रिपोर्ट,
‘स्वच्छ तारापुर, सुंदर तारापुर’ का बोर्ड लगा है, लेकिन मुख्य बाजार में हालात इसके उलट हैं. वार्ड नं-14 के मुख्य बाजार में डस्टबिन के आसपास कचरे का अंबार लगा है और गायें प्लास्टिक समेत कचरा खा रही हैं.सोमवार को तस्वीर में दिख रहा नजारा तारापुर नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है.
प्लास्टिक खाने से गायों की जान को खतरातारापुर नगर क्षेत्र में डस्टबिन के बाहर और सड़क पर पड़े कचरे में पॉलीथिन, फूड रैपर, सब्जी के छिलके और अन्य कचरा बिखरा है. गायें उसी में से खाना तलाश रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना सुबह-शाम यही हाल रहता है. प्लास्टिक खाने से गायों के पेट में रुकावट और मौत का खतरा बढ़ रहा है.
स्थानीय दुकानदार कल्लू जायसवाल, पिंटू साह ने कहा, “नगर पंचायत सफाई के लिए गाड़ी भेजती है, लेकिन कचरा उठने के बाद भी लोग यहीं फेंक देते हैं. डस्टबिन का ढक्कन खुला रहता है, आवारा पशु कचरा बिखेर देते हैं.”‘स्वच्छता अभियान कागजों तक सीमित’बोर्ड पर ‘कचरा कूड़ेदान में ही डालें’ लिखा है, लेकिन लोग सड़क पर ही कचरा फेंक रहे हैं. वहीं नगर पंचायत की नियमित सफाई और मॉनिटरिंग न होने से बाजार में गंदगी बढ़ गई है.
नगर पंचायत तारापुर की मुख्य पार्षद नीलम देवी ने कहा, “कचरा उठाव के लिए गाड़ी रोज जाती है लेकिन लोग डस्टबिन के बाहर फेंक देते हैं. हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं और अतिक्रमण व कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना भी लगाएंगे.
पशु चिकित्सकों ने जताई चिंतापशु चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि प्लास्टिक खाने से गायों के पेट में ‘प्लास्टिक बॉल’ बन जाती है, जिससे पाचन तंत्र खराब होकर जान जा सकती है. लोगों को चाहिए कि गीला-सूखा कचरा अलग कर डस्टबिन में डालें और पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद करें.नगर पंचायत ने किया दावा
कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली प्रिया ने कहा कि बाजार में दो और डस्टबिन लगाए जाएंगे और सुबह-शाम सफाई कर्मी तैनात होंगे। ‘स्वच्छ तारापुर’ अभियान को धरातल पर उतारने के लिए दुकानदारों पर भी कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाएगी.स्थानीय लोगों में शंभू चौधरी, राम विलास भगत ने मांग की है कि बाजार में CCTV लगाकर कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है, और जो गोपालक अपने गांव को खुले में कचरा खाने को छोड़ देते हैं उन पर भी कार्रवाई हो क्योंकि लगातार सड़कों पर इन पशुओं के भृमण से आने-जाने वाले राहगीरों को भी परेशानी होती है और साथ ही साथ मोटरसाइकिल एवं वाहन चालकों को भी दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है .अगर यह फिर भी गायों को अपने घर में नहीं रखते हैं वैसी स्थिति में गायों को पकड़कर गौशाला भेजा जाए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










