ट्रैफिक व्यवस्था में किये गये बदलाव का सड़कों पर नहीं दिख रहा असर, जाम बनी मुसीबत

मुंगेर शहर को जाम से मुक्ति दिलाने एवं बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने को लेकर चार दिन पूर्व जिलास्तर पर एक बैठक हुई थी.
कागजों में सिमट कर रह गया बैठक में लिया गया निर्णय, शहर में ध्वस्त है ट्रैफिक व्यवस्था
मुंगेर. मुंगेर शहर को जाम से मुक्ति दिलाने एवं बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने को लेकर चार दिन पूर्व जिलास्तर पर एक बैठक हुई थी. जिसमें शहर में यात्री वाहनों के प्रवेश और निकासी के लिए ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए नया रूट निर्धारित किया गया था और इसे 29 जनवरी से लागू कर दिया गया, लेकिन इसका असर शहर की सड़कों पर नहीं दिख रहा है. न तो शहर में यातायात सुगम हो सकी और न ही जाम से मुक्ति मिल पा रही. जाहिर है कि ट्रैफिक बदलाव को लेकर लिया गया निर्णय जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण कागजों तक ही सिमट कर रह गया है.ट्रैफिक व्यवस्था में किये गये बदलाव बेअसर
28 जनवरी को जिला परिवहन कार्यालय में डीटीओ की अध्यक्षता में चालकों, स्टैंड प्रतिनिधि, ट्रैफिक थानाध्यक्ष की बैठक हुई थी. जिसमें शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सुगम यातायात को लेकर यात्री वाहनों के शहर में प्रवेश व निकासी के लिए नया रूट निर्धारित किया गया था. जिसके तहत मुंगेर से जमालपुर जाने के लिए ऑटो, टोटो व यात्री वाहनों को स्टैंड से भगत सिंह चौक, कस्तूरबा वाटर वर्क्स, कौड़ा मैदान, अंबे चौक, कोर्णाक मोड़ होते हुए जाने और जमालपुर से मुंगेर आने वाले वाहन कोर्णाक मोड़ से सीधे शाहजुबेर रोड होते हुए रिफ्यूजी कॉलोनी, नीलम चौक, शीतला स्थान, कोतवाली थाना, श्रीकृष्ण सेवा सदन मोड़ होते हुए स्टैंड आने की व्यवस्था की गयी थी. अर्थात इस मार्ग में वन वे ट्रैफिक व्यवस्था की गयी. जिसमें जमालपुर से मुंगेर आने वाले वाहन को कौड़ा मैदान, कस्तुरवा वाटर चौक, भगत सिंह चौक मार्ग से नहीं जाना है. लेकिन इस मार्ग में चलने वाले ऑटो चालकों की मनमानी एवं यातायात पुलिस की लापरवाही ने अपने ही व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है.शहर में अनकंट्रोल है ट्रैफिक व्यवस्था
मुंगेर एक ऐसा शहर है जहां ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है, जबकि लगातार शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ता जा रहा है. वर्षों से इस शहर में प्रवेश और निकासी को लेकर कोई ठोस ट्रैफिक प्लान नहीं बना है. जिसके कारण शहर में प्रवेश और निकासी दोनों एक ही मार्ग से होती है. जिसके कारण बाजार, चौक-चौराहों पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है. कोतवाली मोड़, एक नंबर ट्रैफिक, अस्पताल रोड, पूरबसराय रेलवे अंडर ब्रिज, कोड़ा मैदान सहित शहर के अधिकांश मार्ग में जाम की समस्या आम बनी हुई है. एक नंबर ट्रैफिक पर तो ट्रैफिक व्यवस्था का सबसे बुरा हाल है. जहां स्टैंड से निकल कर सरकारी बस सड़कों पर खड़ी कर यात्री को बैठाते है. जबकि दर्जनों टोटो वहां पर स्टैंड की तरह यात्री के इंतजार में खड़ा रहती है. जिसके कारण सुगम यातायात तो दूर, साइकिल व मोटर साइकिल सवार को भी चलने में काफी परेशानी हो रही है.कहते हैं ट्रैफिक थानाध्यक्ष
ट्रैफिक थानाध्यक्ष ध्रुव कुमार ने बताया कि यह बात सही है कि बैठक में शहर में प्रवेश और निकासी के लिए ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए नया रूट निर्धारित किया गया था. लेकिन कोर्णाक रोड व शास्त्री चौक रिफ्यूजी कॉलोनी में नाले पर पुल का निर्माण किया जा रहा है. जिसके कारण नये मार्ग से वाहनों का परिचालन संभव नहीं हो पा रहा है.
कहते हैं जिला परिवहन पदाधिकारी
जिला परिवहन पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार अलवेला ने बताया कि नये रूट से ही वाहनों का परिचालन होना है. जिसे अमल में लाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को जिम्मेदारी दी गयी है. जो भी कठिनाई है उसे शीघ्र ही दूर कर लिया जायेगा और नये रूट से ही वाहनों का प्रवेश व निकासी करायी जायेगी. इसे सख्ती के साथ अमल में लाया जायेगा.
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