शहर में 91 वर्षों से निरंतर चली आ रही जीवंत परंपरा

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शहर में 91 वर्षों से निरंतर चली आ रही जीवंत परंपरा

बेकापुर स्थित विजय चौक पर आयोजन

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विनाशकारी भूकंप में मारे गये लाेगाें की आत्मा की शांति को नारायण भोज

मुंगेर. शहर के बेकापुर स्थित विजय चौक पर गुरुवार को वर्ष 1934 में आये विनाशकारी भूकंप में मारे गये लोगों की आत्मा की शांति के लिए नारायण भोज का आयोजन किया गया. मौके पर विधायक कुमार प्रणय, मेयर कुमकुम देवी, डिप्टी मेयर खालिद हुसैन, ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन व आम नागरिकों ने अपने हाथों से भोजन परोसा व पूरे सम्मान व मर्यादा के साथ नारायण भोज संपन्न कराया.

मौके पर वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मुंगेर शहर की एक जीवंत परंपरा है, जो पिछले 91 वर्षों से निरंतर चली आ रही है. वर्ष 1934 में आये विनाशकारी भूकंप के बाद 1935 से यह नारायण भोज मृत आत्माओं की शांति व शहर की सुख-समृद्धि की कामना के साथ प्रारंभ किया गया था. तभी से यह मान्यता रही है कि ईश्वर से यह प्रार्थना की जाये कि मुंगेर को फिर कभी 1934 जैसी त्रासदी न देखना पड़े. इतिहास साक्षी है कि 1934 के बाद अनेक बार भूकंप आये, लेकिन उस स्तर की भयावह त्रासदी दोबारा नहीं आयी. लोगों का अटूट विश्वास है कि यह नारायण सेवा, यह सामूहिक प्रार्थना और यह परंपरा ही शहर के लिए रक्षा कवच बनी हुई है. नारायण भोज के माध्यम से आज भी शहर एकजुट होकर यह संदेश देता है कि आपदा के बाद सेवा, करुणा और सामूहिक संकल्प ही आशा की सबसे बड़ी शक्ति होती है. यही भावना इस आयोजन की आत्मा है और यही परंपरा आने वाली पीढ़ियों को भी जोड़ती रहेगी. मौके पर अमरनाथ केसरी, शुभंकर झा, संजय कुमार, निर्मल जैन, राजेश कुमार, प्रभात कुमार, ललन ठाकुर एवं बाजार क्षेत्र के युवाओं ने सहभागिता सराहनीय रही.

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Birendra Kumar Sing

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By Birendra Kumar Sing

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