एक दशक तक अपराध की दुनिया में तांडव मचाता रहा सूरजा

Updated at :15 Nov 2016 1:34 AM
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एक दशक तक अपराध की दुनिया में तांडव मचाता रहा सूरजा

मुंगेर : मुंगेर शहर के घोषीटोला निवासी सूरज साह उर्फ सूरजा उर्फ झरकहवा एक दशक तक अपराध की दुनिया में तांडव मचाता रहा. वर्ष 2005 से अपराध के क्षेत्र में प्रवेश करने वाला सूरजा प्रारंभिक काल में लूट व छिनतई जैसे अपराधों को अंजाम दिया. लेकिन धीरे-धीरे वह एक संगठित गिरोह का संचालन करने लगा. […]

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मुंगेर : मुंगेर शहर के घोषीटोला निवासी सूरज साह उर्फ सूरजा उर्फ झरकहवा एक दशक तक अपराध की दुनिया में तांडव मचाता रहा. वर्ष 2005 से अपराध के क्षेत्र में प्रवेश करने वाला सूरजा प्रारंभिक काल में लूट व छिनतई जैसे अपराधों को अंजाम दिया. लेकिन धीरे-धीरे वह एक संगठित गिरोह का संचालन करने लगा. लूट, छिनतई के अतिरिक्त अवैध हथियार के कारोबार, रंगदारी, हत्या एवं फिरौती जैसे मामलों में उसकी सक्रियता बढ़ी और वह मोस्ट वांटेड अपराधी प्रशांत मिश्रा से हाथ मिलाकर शहर का खौफ बन गया.

यत्र-तत्र व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर रंगदारी के लिए बम विस्फोट व गोलीबारी के कारण वह मोस्ट वांटेड अपराधी बन गया. यहां तक कि जमीन के खरीद-बिक्री में रंगदारी की भी वसूली उसके कारोबार में शामिल हो गया. माना जा रहा है कि जमीन की डिलिंग में भी उसने कई दबंग कारोबारी व अपराधी से हिस्सेदारी की मांग करने लगा था. शहर में डॉ मदन मोहन, एक प्लाइबुड दुकान पर रंगदारी नहीं देने के कारण उसने अपने गुर्गो से बमबारी करवाया. इतना ही नहीं जमीन के लिए ही कासिम बाजार में एक व्यक्ति की हत्या कर शव को कुएं में डाल दिया था.

दो साल पहले भी सुरजा को मारी गयी थी गोली
दो साल पूर्व भी सूरजा को उसके गुर्गे ने ही सीने में गोली मार दी थी. जिसमें सुरजा ने घोषीटोला के प्रिंस यादव को नामजद किया था. कहा जाता है कि प्रिंस यादव सूरजा के लिए काम करता था. लेकिन किसी विवाद को लेकर सुरजा से उसकी कहा-सुनी हो गयी और प्रिंस ने उसे गोली मार दिया. सुरजा तो इलाज के बाद बच गया. लेकिन आजतक प्रिंस यादव का कोई अता-पता नहीं है. कहा जाता है कि सूरजा ने प्रिंस की हत्या करवा कर लाश को गायब करवा दिया. जिसके बाद सुरजा का सिक्का और बुलंद हो गया. सुरजा हत्याकांड में उसकी मां ने लापता प्रिंस के पिता व भाई को भी नामजद किया है.
कई क्षेत्रों के अपराधी थे घटना में शामिल
सूरजा उर्फ झरकहवा हत्याकांड में विभिन्न क्षेत्रों के अपराधी शामिल थे. बताया जाता है कि कुछ मोटर साइकिल नीलम सीनेमा चौक से लालदरवाजा एवं दलहट्टा की ओर भाग निकला. जबकि एक सफेद रंग की अपाची मोटर साइकिल पर सवार अपराधी पूरबसराय की ओर भागा. कहा जाता है कि मोटर साइकिल से भागने वाला बरियारपुर अपराधी गैंग का है.
गैंगवार में हुई हत्या
सूरजा की हत्या गैंगवार में हुई है. मृतक की मां मीणा देवी चीख-चीख कर पुलिस को कह रही थी कि जेल में बंद कुख्यात अपराधी पवन मंडल ने मेरे बेटे की हत्या करवाया है. उसने पवन मंडल के भाई, भतीजा शेरू व सूटर गोलू राम को भी नामजद किया है. कहा जाता है कि पवन मंडल एक झरकहवा के बीच दुश्मनी हथियार के कारोबार से उत्पन्न हुई थी. बाद में झरकहवा जमीन के कारोबार से भी जुड़ गया था. जेल में भी सूरजा का पवन के साथ विवाद हुआ करता था.
जिसके बाद दोनों में विवाद गहरा गया. कुछ लोगों का कहना है कि अस्पताल रोड गोयनका धर्मशाला चौक पर मछली विवाद में गोलीबारी हुई थी. जिसमें झरकहवा ने रवि यादव का विरोध किया था. इसी को लेकर रवि यादव गिरोह के सदस्यों के निशाने पर वह था. 3 नवंबर को झरकहवा जमानत पर जेल से बाहर आया. लेकिन उसकी 11 वें दिन ही हत्या हो गयी.
मां ने बेटे के हत्या की जतायी थी आशंका
चार दिन पूर्व घोषीटोला निवासी रामोतार साह की पत्नी मीणा देवी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपने बेटे सूरज साह उर्फ सुरजा उर्फ झरकहवा के हत्या की आशंका जताया था. जिसमें कुछ नामों को भी दर्शाते हुए मीणा देवी ने कही थी कि अपराधी मेरे बेटे के पीछे पड़े है. उन्हें सुरक्षा दी जाय नहीं तो वे लोग मेरे बेटे की हत्या कर देंगे. हत्या के बाद सदर अस्पताल में मीणा देवी ने कहा कि पुलिस अगर मेरी बात सुनती तो आज मेरे बेटे की हत्या नहीं होती.
19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
मृतक मां मीणा देवी के बयान पर 19 लोगों के खिलाफ कासिम बाजार थाना में मामला दर्ज कराया गया है. जिसमें उसने घोषीटोला के कमल यादव, उसका बेटा बैगन यादव उर्फ विक्की, शंभू यादव, लालदरवाजा के छोटू, नीरज, हीरा, मकससपुर के शेरू, गोलू राम सहित अन्य शामिल है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
हत्याकांड में शामिल धरमा यादव गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया कि अपराधी सुरजा उर्फ झरकहवा हत्याकांड में एक नामजद अपराधी को पुलिस ने दलहट्टा से धरमा यादव गिरफ्तार कर लिया. जो मूल रुप से मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मथार का रहने वाला है और वह दलहट्टा में रह रहा है. उसके खिलाफ भी पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज है. पुलिस अन्य हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए लगतार छापेमारी कर रही है.
झरकहवा पर थे 28 मामले दर्ज
थाना कांड संख्या कार्रवाई
कासिम बाजार 36 /05 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 122 /05 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 19 /06 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 42 /06 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 46 /06 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 150 /06 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 166 /07 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 167 /07 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 181 /07 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 163/07 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 175 /08 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 181 /08 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 94/09 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 27 /11 आरोप पत्रित
नयारामनगर 136/11 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 202/12 आरोप पत्रित
कोतवाली 315/12 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 475/05 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 41/06 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 13/13 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 185/13 आरोप पत्रित
कोतवाली 190/14 आरोप पत्रित
कोतवाली 204/14 आरोप पत्रित
कोतवाली 300/14 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 90/14 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 96/14 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 155/14 आरोप पत्रित
कासिम बाजार 156/14 आरोप पत्रित
सीएस का स्थानांतरण अादेश रद्द
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