सदर अस्पताल फैला रहा जहर, बीमारियों को दे रहा दावत

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मुंगेर : अस्पताल एक ऐसा स्थान है जहां बीमार लोगों को स्वस्थ किया जाता है. किंतु वही अस्पताल यदि बीमारियों को दावत देने का कारण बन जाय तो फिर लोगों के जीवन का क्या होगा. कुछ ऐसी ही स्थिति इन दिनों सदर अस्पताल की भी है. जहां खुले में ही मेडिकल वेस्टेज को फेंक कर […]

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मुंगेर : अस्पताल एक ऐसा स्थान है जहां बीमार लोगों को स्वस्थ किया जाता है. किंतु वही अस्पताल यदि बीमारियों को दावत देने का कारण बन जाय तो फिर लोगों के जीवन का क्या होगा. कुछ ऐसी ही स्थिति इन दिनों सदर अस्पताल की भी है. जहां खुले में ही मेडिकल वेस्टेज को फेंक कर हवा में जहर फैलाया जा रहा है.

जिस पर शायद अस्पताल प्रबंधन का तनिक भी ध्यान नहीं है और लोग अनजान में ही गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. खुले में फेंका जा रहा मेडिकल वेस्टेजसदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का मेडिकल वेस्टेज इन दिनों खुले में फेंका जा रहा है जो कचड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है.

इस वेस्टेज को पोस्टमार्टम हाउस के समीप अस्पताल के सफाइकर्मियों द्वारा फेंका जा रहा है. जहां से प्रसव केंद्र की दूरी महज दस गज होगी. मेडिकल वेस्टेज के पांच कदम की दूरी पर दिन भर लोगों की भीड़ जमी रहती है. मेडिकल वेस्टेज से निकलने वाले विषैले रासायनिक गैस हवा में घुल कर वहां के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है.

हवा में फैल रहा जहर मेडिकल वेस्टेज में सबसे अधिक मात्रा इस्तेमाल किया हुआ सिरिंच व वैक्सीन की खाली शीशी का है. जिसमें छूटे हुए रासायनिक पदार्थ हवा में मिल कर उसे विषैला बनाती है. जो मनुष्य के साथ-साथ अन्य जीव-जंतुओं के लिए काफी खतरनाक है.

अस्पताल में नहीं है डस्टबीन की व्यवस्थाअस्पताल में डस्टबीन की व्यवस्था पर्याप्त नहीं रहने के कारण मेडिकल वेस्टेज को यत्र- तत्र ही फेंक दिया जाता है. जिसे सफाई कर्मियों द्वारा झाड़ू मार कर वार्ड से बाहर जमा कर दिया जाता है. वही वेस्टेज धीरे-धीरे कूड़े के ढेर में तब्दील हो रहा है. मेडिकल वेस्टेज को एकत्रित रखने के लिए विभिन्न वार्डों में छोटे-छोटे डस्टबीन उपलब्ध कराये गये हैं जो पर्याप्त नहीं है. अस्पताल में सबसे अधिक मेडिकल वेस्टेज इमरजेंसी वार्ड व प्रसव केंद्र में निकलते हैं.

वहां भी मात्र एक-एक ही डस्टबीन लगाये गये हैं, जो नाकाफी है. जैसे ही डस्टबीन भरता है, उसे सड़क किनारे फेंक दिया जाता है. कहते हैं चिकित्सकचिकित्सक डॉ इनामुर रहमान ने बताया कि मेडिकल वेस्टेज को खुले में फेंकना आम जनों के लिए काफी खतरनाक हो सकता है.

उसके संपर्क में आने से लोगों को हेपेटाइटिस, टिटनेस, फेफड़ा संबंधी खतरनाक बीमारी होने की संभावना बनी रहती है. कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षकअस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि मेडिकल वेस्टेज को बाहर खुले में फेंकना बिल्कुल मना है. मेडिकल वेस्टेज को लेने के लिए प्रतिदिन शाम में भागलपुर से वाहन आती है. यदि इसे बाहर में फेंका जा रहा है, तो उसका पता लगा कर शीघ्र ही कार्रवाई की जायेगी.

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