गोशाला को संरक्षित कर ही गौ हत्या पर लग सकती है रोक

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मुंगेर : पिछले 25 वर्षों से बदहाल मुंगेर के पूरबसराय स्थित गोशाला को एक बार फिर संरक्षित करने व समृद्ध बनाने की मांग तेज हो गयी है. गंगा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सह संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष निर्मल कुमार जालान ने कहा है कि गोशाला की व्यवस्था को दुरुस्त कर न सिर्फ गोवंश की रक्षा […]

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मुंगेर : पिछले 25 वर्षों से बदहाल मुंगेर के पूरबसराय स्थित गोशाला को एक बार फिर संरक्षित करने व समृद्ध बनाने की मांग तेज हो गयी है. गंगा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सह संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष निर्मल कुमार जालान ने कहा है कि गोशाला की व्यवस्था को दुरुस्त कर न सिर्फ गोवंश की रक्षा होगी.

बल्कि गौ हत्या पर भी रोक लग सकती है. उन्होंने मुंगेर के सदर अनुमंडल पदाधिकारी सह गोशाला समिति के पदेन अध्यक्ष कुंदन कुमार को एक ज्ञापन देकर कहा है कि मुंगेर गोशाला का इतिहास काफी समृद्ध रहा है और यहां प्रतिवर्ष गोपाष्टमी का पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता था. सामरिक दृष्टिकोण से भी यह गोशाला काफी समृद्ध है.

पूरबसराय में गोशाला का पांच एकड़ भूमि के साथ ही लक्ष्मीपुर मुंगेर वन प्रक्षेत्र में 300 एकड़ खेती योग्य भूमि भी है. उन्होंने कहा है कि मुंगेर का गोशाला राज्य का बेहतर गोशाला रहा है. लेकिन पिछले 25 वर्षों से गोशाला समिति का चुनाव नहीं कराया गया और एक खास व्यक्ति द्वारा पूरी व्यवस्था को अतिक्रमित कर लिया गया है.

फलत: गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य भी पूरी तरह ठप हो गया है. यहां तक कि गोशाला के जमीन को कौड़ी के भाव डीएवी पब्लिक स्कूल मुंगेर को लीज पर दे दिया गया. उन्होंने मांग की है कि मुंगेर गोशाला की व्यवस्था को पटरी पर लायी जाय और 25 वर्षों से जमे वर्तमान सचिव से गोशाला को मुक्त कराकर उसका लेखा-जोखा भी लिया जाय.

उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने काफी सोच-विचार कर गोशाला की स्थापना की थी और समाज के प्रबुद्ध लोग एवं व्यापारी के सहयोग से इसका संचालन होता था. जहां बुढ़ी एवं बीमार गाय की भी देखभाल होती थी. लेकिन आज व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और गौ माता अपनी जगह तलाश रही है.

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