कतरनी चूड़ा और तिलकुट की खुशबू से गुलजार हुआ बाजार

Updated at : 14 Jan 2020 8:43 AM (IST)
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कतरनी चूड़ा और तिलकुट की खुशबू से गुलजार हुआ बाजार

मुंगेर : मकर संक्रांति का त्योहार दो दिन 14 और 15 जनवरी को मनाया जायेगा. लेकिन मकर संक्रांति का पर्व मुख्य रूप से 15 जनवरी को मनाया जायेगा. पर्व से कई दिन पूर्व ही शहर में दूध की बिक्री परवान चढ़ गयी है. साथ ही बाजार में चूड़ा, तिलवा, तिलकुट, लाई के दुकानों से गुलजार […]

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मुंगेर : मकर संक्रांति का त्योहार दो दिन 14 और 15 जनवरी को मनाया जायेगा. लेकिन मकर संक्रांति का पर्व मुख्य रूप से 15 जनवरी को मनाया जायेगा. पर्व से कई दिन पूर्व ही शहर में दूध की बिक्री परवान चढ़ गयी है.

साथ ही बाजार में चूड़ा, तिलवा, तिलकुट, लाई के दुकानों से गुलजार हो चुका है. ग्रामीण इलाकों से आये छोटे-छोटे दुकानदार मुंगेर की सड़कों पर अपनी-अपनी दुकानें सजा ली है. वहीं कंपकपा देनी वाले ठंड के बीच पर्व को लेकर सोमवार को पूरा दिन बाजार में खरीदारी को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ते रही. इस पर्व में तिल के साथ दही-चूड़ा भोजन करने का विशेष महत्व है.
बाजारों में सज गयी हैं दुकानें: त्योहार को लेकर शहर के मुख्य बाजार में चूड़ा, तिलकुट, तिलवा, लाई और अन्य दुकानें सज चुकी है. पर्व को लेकर दिनभर बाजार में लोगों की भीड़ लगी रहीं. हलांकी कड़ाके की ठंड के कारण इस बार ग्रामीण इलाकों से आये छोटे-छोटे दुकानदार की सड़क पर लगने वाली दुकान कम है. शहर के बेकापुर, गांधी चौक, राजीव गांधी चौक, शीतला मंदिर चौक सहित अन्य जगहों पर त्योहार को लेकर कई अस्थाई दुकानें लगायी गयी हैं. त्योहार को लेकर गोभी और मटर का डिमांड काफी बढ़ी है.
त्योहार में बिकने वाले सामान के दाम
सामान कीमत प्रति किलो
चूड़ा कतरनी 50-80 रुपये
चूड़ा मोटा वाला 28-30 रुपये
चीनी वाला तिलवा 80 रुपये
गुड़ वाला तिलवा 100 रुपये
चीनी वाला तिलकुट 180-240 रु
गुड़ वाला तिलकुट 240 रुपये
मूढ़ी 40 रुपये
तिल 55 रुपये
चावल अरवा 38 से 40 रुपये
मटर 30 रुपये
गजक 160 रुपये
15 जनवरी को सुबह 7:54 बजे सूर्य करेगा मकर राशि में प्रवेश
हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी बुधवार को मनाया जायेगा. ज्योतिषाचार्यों की गणना के अनुसार 15 जनवरी को सुबह 7:54 बजे से सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जायेगा. पंडित प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने को ही मकर संक्रांति कहा जाता है. उन्होंने कहा कि पूर्व से चली आ रही नियम के तहत कुछ लोगों द्वारा संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जा रहा है.
लेकिन पंचाग और ज्योतिष गणना के आधार पर 14 जनवरी को पूस होने से मकर संक्रांति नहीं मनाया जा सकता. 15 जनवरी को सुबह 7.54 में पुण्यकाल प्रवेश करने समय स्नान, ध्यान तथा धार्मिक कार्यों के लिये विशेष महत्व रखता है. यदि महापुण्य काल की बात करें तो 15 जनवरी को सुबह 7.18 बजे से 9.02 तक का समय काफी शुभ रहेगा. इस दौरान किये गये धार्मिक कार्यों से विशेष फल की प्राप्ति होती है.
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