भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध जांच पूरी, एक सप्ताह के अंदर देंगे रिपोर्ट
Updated at : 06 Nov 2019 8:37 AM (IST)
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मुंगेर : भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता नवल किशोर प्रसाद मंगलवार को डीएम द्वारा गठित टीम के समक्ष उपस्थित हुए. जांच टीम द्वारा मांगी गयी छह बिंदुओं से संबंधित दस्तावेज उन्होंने जांच टीम को सौंपा. जिसका मूल्यांकन जांच टीम द्वारा किया जा रहा है. जिसके बाद अब जांच टीम द्वारा उन पर तथा विभाग […]
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मुंगेर : भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता नवल किशोर प्रसाद मंगलवार को डीएम द्वारा गठित टीम के समक्ष उपस्थित हुए. जांच टीम द्वारा मांगी गयी छह बिंदुओं से संबंधित दस्तावेज उन्होंने जांच टीम को सौंपा. जिसका मूल्यांकन जांच टीम द्वारा किया जा रहा है.
जिसके बाद अब जांच टीम द्वारा उन पर तथा विभाग के संदर्भ में लगे अनियमितता पर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे. टीम के अध्यक्ष मुंगेर के उपविकास आयुक्त प्रशांत कुमार सीएच ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंप दी जायेगी.
बताया जाता है कि भवन निमार्ण विभाग भवन प्रमंडल मुंगेर में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने की शिकायत पर डीएम ने 29 अगस्त 2019 को डीडीसी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था. कई बार जांच टीम ने सुनवाई की. लेकिन दस्तावेज के अभाव में लगातार जांच की कार्रवाई लंबी खिंचती गयी. 31 अक्टूबर 2019 को जांच टीम ने पुन: सुनवाई की. जिसमें कार्यपालक अभियंता उपस्थित हुए और संबंधित दस्तावेज सौंपा गया. टीम द्वारा दस्तावेज की जांच में कई खामियां मिली.
जिसके बाद जांच टीम के अध्यक्ष डीडीसी प्रशांत कुमार सीएच ने कार्यपालक अभियंता को पत्र भेज कर कहा कि आपके द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन तथ्यात्मक प्रतीत नहीं होता है. इसलिए 5 नवंबर 2019 को निम्नलिखित साक्ष्य के साथ कार्यालय में उपस्थित होना सुनिश्चित करें. जिसे लेकर मंगलवार की सुबह से ही भवन निर्माण विभाग का कार्यालय खोल कर अधिकारी व कर्मचारी संबंधित साक्ष्य से संबंधित अभिलेख जुटाने में लग गये थे.
अधीक्षण अभियंता द्वारा गठित टीम की जांच भी नहीं हुई पूरी: मुख्य अभियंता (दक्षिण) भवन निर्माण विभाग पटना के निर्देश पर भवन अंचल मुंगेर के अधीक्षण अभियंता सुधांशु शेखर द्वारा जांच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी गठित किया है.
उन्होंने इस टीम का गठन 19 सितंबर 2019 को किया. जिसमें भवन प्रमंडल लखीसराय के कार्यपालक अभियंता भुलन प्रसाद को अध्यक्ष, भवन प्रमंडल जमुई के कार्यपालक अभियंता को मदन मोहन चौधरी एवं जमुई के ही सहायक अभियंता रंजीत कुमार सिन्हा को सदस्य बनाया गया है.
विदित हो कि स्थानीय विधायक विजय कुमार विजय ने मुख्य अभियंता को पत्र लिख कर भवन प्रमंडल मुंगेर के कार्यपालक अभियंता पर निविदा प्रक्रिया में मनमानी करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता द्वारा जांच टीम का गठन किया गया. जांच टीम की कार्रवाई अब तक पूरी नहीं हो सकी है.
जांच टीम ने इन छह बिंदुओं पर मांगा साक्ष्य
भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता से छह बिंदुओं पर साक्ष्य के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था. जिसमें डीएम द्वारा स्वीकृत योजनाओं की प्राथमिकता सूची, अपने कार्यालय में निकाले गये निविदा की सूची और उस निविदा में भाग लिये गये निविदा दाता की सूची, अपने कार्यकाल में कराये गये कार्यों के संपूर्ण अभिलेख, अपने कार्यकाल में किन-किन निविदा दाताओं को कितने कार्यादेश दिये गये है एवं कितने प्राक्कलित योजनाओं के कार्यादेश दिये गये हैं.
उनके द्वारा जांच दल को बताया गया था कि विभाग के निदेशानुसार 40 लाख से अधिक योजनआों में तकनीकी बिड्स लेने की आवश्यकता नहीं है. इससे संबंधित विभागीय पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया. साथ ही उनके द्वारा जांच टीम को बताया गया कि विभाग के निदेशानुसार एल-1 का निर्धारण दो विड्स पर भी किया जा सकता है. उससे संबंधित विभागीय नियम से संबंधित पत्र जांच दल को उपलब्ध कराने को कहा गया है.
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