चिकित्सा व्यवस्था नदारद, निर्माण व मरम्मत कार्य में व्यस्त हुए नोडल पदाधिकारी
Author Prabhat khabar digital desk
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मुंगेर : सदर अस्पताल के चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ पुरुषोत्तम कुमार द्वारा प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक के रहते हुए अलग से एक नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी है. जिसके तहत पिछले 10 अक्टूबर को ही सिविल सर्जन ने तारापुर में पदस्थापित चिकित्सक डॉ फैजउद्दीन को सदर अस्पताल का […]
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मुंगेर : सदर अस्पताल के चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ पुरुषोत्तम कुमार द्वारा प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक के रहते हुए अलग से एक नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी है. जिसके तहत पिछले 10 अक्टूबर को ही सिविल सर्जन ने तारापुर में पदस्थापित चिकित्सक डॉ फैजउद्दीन को सदर अस्पताल का नोडल पदाधिकारी प्रतिनियुक्त कर दिया.
जिसके जिम्मे पूर्व से ब्लड बैंक तथा जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी का कार्यभार है. किंतु नोडल पदाधिकारी सदर अस्पताल के स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने के बजाय, पहले ही दिन भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को लेकर अस्पताल के विभिन्न भवनों का मुआयना कर रहे थे. उन्हें अस्पताल में रोगियों को मिलने वाले सुविधा के बजाय अस्पताल के टाइल्स व मार्बल को दुरुस्त करने में दिलचस्पी ले रहे.
जबकि अस्पताल के विभिन्न विभागों में स्वास्थ्य सेवा से संबंधित कई परेशानियां मुंह बांये हुए है. जिसके कारण मरीजों को खासे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सदर अस्पताल में अस्पताल उपाधीक्षक के अलावे अलग से एक नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति से लोगों को लगा कि अब अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा में काफी सुधार हो जायेगा. किंतु यह दिखाई नहीं दे रहा.
क्या होता है सीबीसी टेस्ट
कम्प्लीट ब्लड काउंट या सीबीसी एक आसान और बहुत ही आम परीक्षण है, जो स्वास्थ्य पर असर डालने वाले कुछ विकारों के लिए स्क्रीन करता है. एक सीबीसी यह निर्धारित करती है कि ब्लड सेल की गणना में कोई वृद्धि या कमी आयी है या नहीं.
उम्र और लिंग के आधार पर सामान्य मूल्य बदल भी सकते हैं. लैब की रिपोर्ट में उम्र और लिंग के लिए निर्धारित सामान्य मूल्य सीमा लिखी रहती है. सीबीसी एनीमिया और संक्रमण से लेकर कैंसर तक की एक विस्तृत शृंखला की स्थिति का पता लगाने में मदद कर सकता है.
सीबीसी के तहत रक्त सेल प्रकार, लाल रक्त कोशिकाए, हीमोग्लोबिन, ऑक्सीजन-ले जाने वाले प्रोटीन, हेमटोक्रिट, सफेद रक्त कोशिकाएं व प्लेटलेट्स सहत अन्य स्थितियों का पता चल पाता है. चिकित्सक नियमित जांच के भाग के रूप में एक सीबीसी का आदेश दे सकते हैं या कोई अस्पष्टीकृत लक्षण जैसे खून बह रहा है या चोट लग जाने पर. कई बार चिकित्सक सीबीसी के साथ-साथ ईएसआर का भी आदेश दे देते हैं.
निजी पैथोलॉजी में ब्लड टेस्ट जांच दर
जांच का नाम रेट
सीबीसी 400/रु.
हीमोग्लोबिन 100/रु.
हेपेटाईटिश-बी 250/रु.
ग्रुप जांच 60-80/रु.
एचआईवी 300/रु.
आईजीई 900/रु.
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