प्रात:कालीन सत्र तक सिमटा एनसीडी क्लिनिक बिना इलाज लौटे मरीज

Updated at : 02 Apr 2019 5:55 AM (IST)
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प्रात:कालीन सत्र तक सिमटा एनसीडी क्लिनिक बिना इलाज लौटे मरीज

मुंगेर : जिस प्रकार विभिन्न आउटडोर सेवा को निर्धारित समय में संचालित किया जाता है, उसी प्रकार सदर अस्पताल स्थित एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिसीज) क्लिनिक का भी संचालन किया जाना है. पर सदर अस्पताल में एनसीडी क्लिनिक संचालन के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है. यहां न तो अब तक समुचित व्यवस्था की […]

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मुंगेर : जिस प्रकार विभिन्न आउटडोर सेवा को निर्धारित समय में संचालित किया जाता है, उसी प्रकार सदर अस्पताल स्थित एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिसीज) क्लिनिक का भी संचालन किया जाना है. पर सदर अस्पताल में एनसीडी क्लिनिक संचालन के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है.

यहां न तो अब तक समुचित व्यवस्था की गयी है और न ही निर्धारित समय तक इसका संचालन ही किया जाता है. इसके कारण जरूरत मंद मरीजों को बिना इलाज कराये ही वापस घर लौट जाना पड़ता है.
बिना इलाज कराये लौट गये मरीज: वैसे तो सदर अस्पताल के एनसीडी क्लिनिक का संचालन ओपीडी की तरह सुबह व शाम में किया जाना है. पर फिलहाल इसका संचालन सिर्फ प्रात:कालीन सत्र में ही किया जा रहा है.
सोमवार को दोपहर के 12 बजते ही वार्ड अटेंडेंट ने एनसीडी क्लिनिक का दरवाजा बंद कर दिया. इसके कारण कई मरीजों को बिना इलाज कराये ही मायूस होकर वापस घर लौट जाना पड़ा. जमालपुर निवासी रामवृंद कुमार ने बताया कि उसे हृदय से संबंधित परेशानी है. इसके कारण वे अपना इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे थे.
पर जेनरल आउटडोर में काफी देर तक लंबी लाइन में खड़े रहने के बाद जब उन्हें चिकित्सक के पास पहुंचने का मौका मिला तो चिकित्सक ने उन्हें एनसीडी क्लिनिक भेज दिया और तब तक दोपहर का 12 बज चुका था. जैसे ही वह एनसीडी के गेट पर पहुंचे तो वार्ड अटेंडेंट ने उसे अंदर प्रवेश करने से रोक दिया और दरवाजे के ग्रील को लगा दिया.
शहर के गुलजार पोखर निवासी अनिता देवी तथा दुर्गापुर निवासी पूनम देवी ने बताया कि उन्हें ब्लडप्रेशर की शिकायत है. इसका इलाज कराने के लिए वह एनसीडी क्लिनिक के पास पहुंची तो वहां क्लिनिक का दरवाजा बंद कर दिया गया था. इसके कारण उन्हें चिलचिलाती धूप में बिना इलाज कराये ही वापस घर लौटना पड़ा.
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक: अस्पताल उपाधीक्षक डॉ सुधीर कुमार ने बताया कि फिलहाल सदर अस्पताल में चिकित्सकों व स्टाफ नर्स की कमी के कारण एनसीडी क्लिनिक को प्रात:कालीन शिफ्ट में ही चलाया जा रहा है. मैन पावर बढ़ते ही दोनों शिफ्ट में क्लिनिक का संचालन किया जायेगा.
क्या है एनसीडी क्लिनिक
एनसीडी क्लिनिक में मरीजों को नि:शुल्क जांच, उपचार व दवाएं उपलब्ध करायी जानी है. स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार इस क्लिनिक में कैंसर, हृदयरोग, थैलेसीमिया, हाइपरटेंशन व डायबिटीज की बीमारियों से ग्रसित लोगों का इलाज किया जाना है व संबंधित बीमारियों की मरीज को दवा भी उपलब्ध करानी है.
नॉन कम्यूनिकेबल डिजीज अर्थात असंचारी रोग जो संक्रामक नहीं होते, लेकिन इनसे ग्रसित व्यक्ति का यदि समय पर सही इलाज न हो, तो उसकी मौत भी हो सकती है. ऐसे मरीजों को नि:शुल्क रूप से जांच, उपचार व दवा प्रदान करने के लिए एनसीडी क्लिनिक स्थापित किये गये हैं. यह क्लिनिक राष्ट्रीय असंचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित किये जा रहे हैं.
एनसीडी क्लिनिकों में 1 हृदय रोग विशेषज्ञ, 1 अंकोलॉजिस्ट व मेडिसिन विशेषज्ञ की ड्यूटी लगायी जानी है, पर यहां महज एक जेनरल फिजिशियन से ही काम चलाया जा रहा है व दवा काउंटर पर पूर्व से उपलब्ध दवा ही मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही है. जबकि मरीजों को बीपी, डायबिटीज तथा कैंसर से संबंधित बीमारी की दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही है.
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