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गर्मी बढ़ी, दिखने लगा जल संकट, मच्छर भी बढ़ा रहे परेशानी

Updated at : 26 Mar 2019 7:13 AM (IST)
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गर्मी बढ़ी, दिखने लगा जल संकट, मच्छर भी बढ़ा रहे परेशानी

धरहरा : गर्मी बढ़ने के साथ ही धरहरा प्रखंड में जल संकट मंडराने लगा है. रखरखाव एवं कम डीप में गड़े चापाकल सूखने लगे हैं अथवा गंदा पानी देना शुरू कर दिया है. जिस कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. इधर गर्मी आते ही मवेशी का खुराक कम हो गया और थन का […]

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धरहरा : गर्मी बढ़ने के साथ ही धरहरा प्रखंड में जल संकट मंडराने लगा है. रखरखाव एवं कम डीप में गड़े चापाकल सूखने लगे हैं अथवा गंदा पानी देना शुरू कर दिया है. जिस कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. इधर गर्मी आते ही मवेशी का खुराक कम हो गया और थन का दूध भी सूखने लगा है.

इससे पशुपालकों की परेशानी भी काफी बढ़ गयी है. जबकि जल जमाव से उत्पन्न गंदगी से मच्छरों के आतंक से भी लोग परेशान हैं. प्रखंड के जतकुटिया, कठोर, लड़ैयाटांड़, बनरकोला, मनकोठिया, गोविंदपुर, जसीडीह सहित अन्य गांवों के अधिकांश तालाब व कुएं सूख गये हैं. जबकि सरकारी चापाकल व व्यक्तिगत उपयोग के लिए लगाये गये चापाकल भी पानी छोड़ रहा है.
रखरखाव के कारण दर्जन भर से ज्यादा सरकारी चापाकल खराब पड़ा हुआ है. जबकि कुछ चापाकल से गंदा पानी निकल रहा है. सरकार द्वारा हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए चलाये जा रहे नल-जल योजना का हाल भी पंचायत में बदतर ही है. योजना का काम कछुए की गति से चल रहा है. मनकोठिया, खराठ, महगामा को छोड़ अन्य गांवों में जल टैंक नहीं लगा है.
खजुरिया में महगामा ग्रामीण बूंदी राम, दशरथ राम, सुरेन राम, सिवान यादव, रूमन कोड़ा, रानी देवी, सुगनी देवी ने बताया कि गर्मी में पेयजल की भीषण किल्लत हो गयी है. महादलित टोलों में एक भी चापाकल नहीं होने से त्राहिमाम की स्थिति है. गंदगी से हर वक्त मच्छर परेशान करते हैं. प्रारंभिक गर्मी में ही दुधरु पशुओं ने दूध कम कर दिया है.
कहते हैं मुखिया: महगामा के मुखिया अजय साव बताया कि 22 सरकारी चापाकलों के मरम्मत के लिए रिपोर्ट भेजी थी. एक मात्र कन्या विद्यालय के चापाकल को ठीक किया गया, लेकिन बाकी पर ध्यान नहीं दिया गया.
मधुआ रोग से झुलस रहे आम के मंजर
असरगंज. इन दिनों प्रखंड क्षेत्र के आम बगीचाें में आम के मंजर में मधुआ रोग लगने से आम की फसल को भारी नुकसान हो रहा है. रोग लगने के कारण मंजर काला होकर सूख रहा है.
वहीं आम के पत्ते भी काला होकर सूखने लगे हैं. इस रोग से प्रखंड क्षेत्र के किसान काफी मायूस हैं एवं रोकथाम की जानकारी के लिए इधर उधर भटक रहे हैं.
मधुआ रोग से बचाव के संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र मुंगेर के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ मुकेश कुमार ने बताया कि मंजर आने से पूर्व एक बार व मंजन आने के बाद फिर एक बार दवा का छिड़काव करना जरूरी है.
इसके बावजूद भी आम के पेड़ में मधुआ रोग लग गया है तो इमिडा क्लोरोपिड आधा एमएल 1 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करना चाहिए. मटर के दाने जैसा टिकोला होने के बाद पांच वृक्षों की संख्या में एक फैरोमैन ट्रेप टांग दे. इतना करने के बाद मधुआ रोग लगने से बचा जा सकता है.
पारा पहुंचा 34 के पार आज व कल छायेंगे बादल, राहत के आसार
मुंगेर. पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी व धूप से मुंगेर समेत आसपास के लोगों को आज-कल राहत मिल सकती है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हवा के रुख में आये बदलाव की वजह से आसमान में बादल छाये रहेंगे और धूप से राहत मिलेगी. सोमवार को मुंगेर व आसपास के इलाके का पारा 36 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 18 डिग्री दर्ज किया गया.
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार पछुआ हवा में पकी फसल को तैयार करें और जो किसान लेट भेरायटी की गेहूं की खेती कर रहे हैं, वे खेतों में नमी को देखते सिंचाई कर सकते हैं. मूंग और उड़द के खेतों को तैयार कर अब बुआई भी शुरू कर सकते हैं.
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