Motihari: विवि केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है : कुलपति

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Motihari: विवि केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है : कुलपति

केविवि के राजकुमार शुक्ला सभागार में मंगलवार को ‘राष्ट्र प्रथम’ विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

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Motihari: मोतहारी. केविवि के राजकुमार शुक्ला सभागार में मंगलवार को ‘राष्ट्र प्रथम’ विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को जागृत करना था. यह पहल उच्च शिक्षा संस्थानों की एक साझा मुहिम का हिस्सा है, जो ””नेशन फर्स्ट”” की भावना को सुदृढ़ करने के लिए चलाई जा रही है. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसके पश्चात स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रोफेसर अत्तात्रण पाल द्वारा दिया गया. उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि“राष्ट्र सर्वोपरि की भावना भारतीय संस्कृति और परंपरा की मूल आत्मा है. जब हम अपने कर्तव्यों में राष्ट्र को प्राथमिकता देते हैं, तभी एक समावेशी, प्रगतिशील और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है. विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है. इसके उपरांत गांधी और शांति अध्ययन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जुगल किशोर दाधीच द्वारा ””राष्ट्र प्रथम”” की शपथ दिलाई गयी. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बब्लू पाल द्वारा किया गया. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ. इस पूरे आयोजन की समन्वयक डॉ. मनीषा रानी थी. राजकुमार शुक्ला सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी, अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

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