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Motihari : मेडिकल लीगल सॉफ्टवेयर पर अपलोड होगा पोस्टमार्टम व इंज्यूरी रिपोर्ट

Updated at : 03 Sep 2025 10:31 PM (IST)
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Motihari : मेडिकल लीगल सॉफ्टवेयर पर अपलोड होगा पोस्टमार्टम व इंज्यूरी रिपोर्ट

सदर अस्पताल में होने वाले पोस्टमार्टम और इंज्यूरी रिपोर्ट को मेडिकल लीगल सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जायेगा.

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Motihari: मोतिहारी. सदर अस्पताल में होने वाले पोस्टमार्टम और इंज्यूरी रिपोर्ट को मेडिकल लीगल सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जायेगा. इस सॉफ्टवेयर को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने राज्य सरकारों के लिए बनाया है, ताकि न्यायपालिका, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय बेहतर हो सके. इससे पुलिस व आमलोगों को अब सदर अस्पताल का चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी. स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव के निर्देश पर अस्पताल में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ऑनलाइन करने के लिए मेडलीपीआर यानी (मेडिकल लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट) सॉफ्टवेयर लगाने का कार्य जल्द ही आरंभ होने वाला है. इसको लेकर अपर सचिव ने हॉस्पिटल के अधीक्षक सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन व जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी को पत्र लिखा है. कहा है कि मेडलीपीआर सॉफ्टवेयर का संचालन जल्द से जल्द आरंभ करे. सदर अस्पताल प्रबंधक कौशल दूबे ने बताया कि सदर अस्पताल को कंप्यूटर सहित अन्य मशीन उपलब्ध हो गयी है. जिसे इंस्टॉल करने का काम चल रहा है. बताते चले कि जैसे ही यह सॉफ्टवेयर काम करना शुरु करेगा, वैसे ही पुलिस को राहत मिल जाएगी. जानकार बताते है कि अब सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे पुलिस रिपोर्ट ले लेगी. फिर इसे केस फाइल में लगा कर कोर्ट के सामने पेश कर देगी. वहीं कोर्ट को अगर किसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाबत कुछ समझना होगा तो डाक्टर को बुलाया जाएगा. यानी सामान्य केस में कोर्ट जाने से डाक्टर बच सकते है. पुलिस और डॉक्टर दोनों को राहत सॉफ्टवेयर संचालित होते ही पुलिस एवं डाक्टर दोनों को राहत मिलेगा. सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग में डाक्टर शव का पोस्टमार्टम करेंगे, इसके साथ ही रिपोर्ट को सॉफ्टवेयर पर डाल देंगे. मेडलीपीआर सॉफ्टवेयर का संचालन कैसे किया जाना है. इससे संबंधित विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से डाक्टर को प्रशिक्षण भी दिया गया है. परिजन एवं पुलिस लगाती है चक्कर अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए परिजन के साथ पुलिस को सदर अस्पताल के इंज्यूरी व पोस्टमार्टम विभाग का चक्कर लगाना पड़ता है. एक रिपोर्ट के लिए 15 दिन का समय लग जाता है. कई मामले में तो महिनों तक लोगों को पोस्टमार्टम के लिए इंतजार करना पड़्ता है. जिससे पुलिस एवं परिजन परेशान हो जाते है. इस नयी व्यवस्था के आरंभ होने से लोगों को चक्कर लगाने से राहत मिलेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATENDRA PRASAD SAT

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