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Sponsorship Scheme: अनाथ व बेसहारा बच्चों के लिए संजीवनी बनी स्पॉन्सरशिप योजना

Updated at : 03 Sep 2024 10:22 PM (IST)
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Sponsorship Scheme: अनाथ व बेसहारा बच्चों के लिए संजीवनी बनी स्पॉन्सरशिप योजना

Sponsorship scheme became a lifesaver for children अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के लिए बिहार सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना संजीवनी बनती जा रही है.

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मोतिहारी.अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के लिए बिहार सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना संजीवनी बनती जा रही है. विभागीय अधिकारियों की मेहनत का असर दिखने लगा है और आवेदन आने लगे हैं. जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार,इस योजना के तहत पहले से 80 अनाथ व बेसहारा बच्चों की परवरिश हो रही है. 490 और नये आवेदनों की स्वीकृति डीएम सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में गठित टीम द्वारा स्वीकृति दी गयी है.3 से 18 आयु वर्ष के बच्चों को इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा है. प्रत्येक को प्रतिमाह चार हजार रुपये दिये जा रहे हैं. राशि का भुगतान प्रतिमाह संयुक्त खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाता है. किसी तरह की समस्या न हो,इसका पूरा ख्याल रखा जाता है. योजना के लिए ये बच्चे हैं पात्र- -अनाथ बच्चे,जो अपने निकटतम संबंधी के यहां रहते हैं. -विधवा,तलाकशुदा व परित्यक्त महिलाओं के बच्चे. -वैसे बच्चे,जिनके माता या पिता (कमाउ सदस्य) जो गंभीर बीमारी एड्स,कैंसर पीड़ित हों -वैसे बच्चे जिनके माता या पिता (कमाउ सदस्य) मानसिक अस्वस्थता या दुर्घटना के कारण बच्चों को आर्थिक व शारीरिक रूप से देखभाल करने में सक्षम न हो. -वैसे बच्चे,जिनके परिवार का कमाउ सदस्य जेल में बंद हो. आवश्यक कागजात- -वार्षिक आय प्रमाण पत्र. शहरी क्षेत्र के लिए 96000 व ग्रामीण क्षेत्र के लिए 72000 रुपये से कम हो. -अनाथ बच्चों की स्थिति में माता-पिता का सक्षम प्राधिकार से निर्गत आय प्रमाण पत्र. -विधवा माता की संतान होने की स्थिति में पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र. -बच्चे जिनके माता-पिता जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं,उसका चिकित्सा प्रमाण पत्र. -दुर्घटना में पीड़ित होने की स्थिति में विकलांगता प्रमाण पत्र -कैदी पिता या माता का न्यायालय द्वारा निर्गत आदेश. -संयुक्त बैंक खाता,पासबुक के साथ. कहते हैं अधिकारी- सीधे जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यालय में आवेदन लिये जा रहे हैं. आवेदन आने के साथ डीएम सर की अध्यक्षता में गठित पूरी टीम अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है. अक्षय कुमार,सहायक निदेशक,जिला बाल संरक्षण इकाई मोतिहारी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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