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Motihari : पूर्व सांसद को मिले पावर ऑफ अटर्नी को कोर्ट ने किया रद्द, दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में भी है मामला

Updated at : 04 Jun 2025 4:51 PM (IST)
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Motihari : पूर्व सांसद को मिले पावर ऑफ अटर्नी को कोर्ट ने किया रद्द, दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में भी है मामला

पूर्व सांसद रमा देवी के परिवार में संपत्ति को लेकर मोतिहारी के अलावा दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में भी मामला दर्ज है.

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-संपत्ति को लेकर पूर्व सांसद सहित पांच बेटे-बेटियों को बराबर का हिस्सा

-विवाद का जड़ पावर ऑफ अटर्नी के अलावा बंजरिया की 19 कट्ठा जमीन भी

मोतिहारी. पूर्व मंत्री सह शिवहर की पूर्व सांसद रमा देवी के परिवार में संपत्ति को लेकर मोतिहारी के अलावा दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में भी मामला दर्ज है. मोतिहारी कोर्ट के सब जज वन ने सुनवाई के दौरान बच्चों द्वारा मां को दिये गये पावर ऑफ अटर्नी को रद्द कर पूर्व सांसद सहित तीन बेटियों व दो बेटों के साथ छह बराबर हिस्सों में संपत्ति बांटने का आदेश दिया है. इधर तीस हजारी कोर्ट में दिल्ली की संपत्ति को लेकर छोटी बेटी ने मामला दर्ज कराया है. विवाद का मूल जड़ पावर ऑफ अर्टनी बताया जा रहा है. इसके अलावा बंजरिया थाना के पास करीब 19 कट्ठा जमीन बिक्री का भी मामला है. बड़ी बेटी रागनी दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में वकील है और उनके पति आइएएस अधिकारी है. श्रीमती रागनी ने कहा कि 2017 में ही इसे रद्द कर दिया गया था, बावजूद संजय जायसवाल से जमीन बिक्री की गयी, जिसकी कीमत करोड़ाें में है. इधर पूर्व सांसद रमा देवी ने कहा कि आपसी विचार से भी संपत्ति का बंटवारा किया जा सकता है. यहां उल्लेख है कि पूर्व मंत्री ब्रजबिहारी प्रसाद की अपराधियों द्वारा की गयी हत्या के समय बड़ी बेटी को छोड़, दो बेटी व दो बेटा अबोध थे, जहां रमा देवी को सबों ने पावर ऑफ अर्टनी दिया. इसके बाद विधान सभा चुनाव के दौरान मोतिहारी विधानसभा से राजद विधायक बनी, जो बिहार मंत्रीमंडल में शामिल हुयी. आगे के दिनों में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर तीन बार शिवहर से सांसद बनी. मामले को ले पूर्व सांसद रमा देवी का कहना है की जिस समय पति की हत्या हुयी, उस समय परिवार किसी तरह चला रही थी. बच्चे अबोध थे, बेटी की शादी से लेकर पढ़ाई तक बड़ी खर्च का बोझ था, जिस कारण कुछ जमीन बेचना पड़ा था.

मां ने पिता की हत्या के बाद बहुत संघर्ष की है-रागनी

पूर्व सांसद की पुत्री सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रागनी ने कहा है कि मां ने बहुत संघर्ष की है. हम तीन बहने है और दो भाई है. पावर ऑफ अर्टनी रद्द हो गया है. मुझे आदापुर स्थित घर की संपत्ति से ज्यादा मतलब है. पैतृक संपत्ति के बाद जो संपत्ति है, उसमें संविधान के अनुसार सबों का हक है. 15 जनवरी को हमने इंजेक्शन दिया था, बावजूद इसके 28 को निबंधन हो गया.

पहले ही बच्चों को दे रही थी जमीन-रमा

कोर्ट में मामला आने से पहले ही हमने बच्चों को कहा था कि अपना जमीन ले लो, पैसा भी ले लो. जरूरत पड़ने पर कई बार पैसा भी दिया. अच्छे घर में जमीन बेचकर भी शादी की है, ताकि मेरे बच्चे खुशहाल रहे. घर का मामला है इसे बैठकर भी निपटारा किया जा सकता है. लालच किसी को नहीं छोड़ता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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HIMANSHU KUMAR

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