मोतिहारी: नवजीवन चाइल्ड क्लिनिक को प्रशासन ने किया सील, भारी मात्रा में दवाइयां और उपकरण जब्त

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छापेमारी के दौरान जांच करती प्रशासनिक टीम

चकिया में बिना वैध अनुमति संचालित नवजीवन चाइल्ड क्लिनिक पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया. छापेमारी के दौरान दवाइयां, ऑक्सीजन सिलेंडर, इनक्यूबेटर समेत कई स्वास्थ्य उपकरण जब्त किए गए. पढ़ें पूरी खबर…

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चकिया, मोतिहारी से निर्मल मिश्रा की रिपोर्ट

Motihari News: चकिया अनुमंडल प्रशासन ने शुक्रवार को अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय ब्लॉक गेट के सामने स्थित नवजीवन चाइल्ड क्लिनिक को सील कर दिया. प्रशासन को शिकायत मिली थी कि यहां बिना वैध अनुमति के नवजात शिशुओं का इलाज किया जा रहा था.

शिकायत के बाद हुई छापेमारी

शिकायत मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने क्लिनिक में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान संचालक सहित कई कर्मी पिछले दरवाजे से फरार हो गए. हालांकि प्रशासन ने एक कर्मी को हिरासत में ले लिया.

चार नवजात शिशुओं को भेजा गया सदर अस्पताल

अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम ने बताया कि क्लिनिक में बिना वैधता के नवजात शिशुओं का इलाज किया जा रहा था. वहां भर्ती चार नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल मोतिहारी भेजा गया है. उन्होंने बताया कि क्लिनिक से जुड़े अन्य लोग छापेमारी के दौरान फरार हो गए हैं और उनकी तलाश की जा रही है.

दवाइयां और स्वास्थ्य उपकरण जब्त

प्रशासन ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में दवाइयां, ऑक्सीजन सिलेंडर, इनक्यूबेटर तथा अन्य स्वास्थ्य उपकरण जब्त किए हैं. पूरे क्लिनिक को सील कर दिया गया है. इलाजरत बच्चों के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनसे इलाज के नाम पर 20-20 हजार रुपये तक की राशि ली गई थी.

डॉक्टर और कर्मियों पर दर्ज होगी प्राथमिकी

प्रशासन ने बताया कि मौके पर मिले प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर डॉ. रविरंजन कुमार तथा क्लिनिक में कार्यरत अन्य लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

अवैध नर्सिंग होम संचालकों में मचा हड़कंप

छापेमारी में अनुमंडलीय अस्पताल प्रभारी डॉ. चंदन कुमार, पुलिस पदाधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी शामिल थे. कार्रवाई की सूचना फैलते ही अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र में संचालित अन्य अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों में हड़कंप मच गया. कई जगहों पर संचालकों ने तत्काल अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए.

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा अवैध रूप से मरीजों का इलाज किया जाता है, जिससे आए दिन गंभीर घटनाएं सामने आती रहती हैं.

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