ePaper

बिहार में मिली चार आंखों वाली रहस्यमयी मछली, एरोप्लेन जैसे पंख देखकर सभी रह गए दंग

Updated at : 19 Mar 2025 9:36 AM (IST)
विज्ञापन
motihari cat fish news| Mysterious fish with four eyes found in Bihar, everyone was stunned to see it

अरुणा नदी में मिली रहस्यमयी मछली की तस्वीर

Catfish In Bihar: बिहार के मोतिहारी जिले की अरुणा नदी में एक अजीबोगरीब मछली मिलने से हड़कंप मच गया. चार आंखों और एयरोप्लेन जैसे पंखों वाली यह मछली स्थानीय लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है.

विज्ञापन

Catfish In Bihar: बिहार के मोतिहारी जिले में एक अनोखी मछली ने सभी को चौंका दिया है. अरुणा नदी में स्थानीय युवकों द्वारा पकड़ी गई चार आंखों वाली मछली को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अमेरिका की अमेजन नदी में पाई जाने वाली सकर माउथ कैटफिश है. जो भारत के जलस्रोतों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है.

कैसे मिली यह विचित्र मछली?

भारत-नेपाल सीमा के पास झरौखर थाना क्षेत्र के पीठवा गांव में कुछ स्थानीय युवक मछली पकड़ रहे थे. जब उनके जाल में यह अजीबोगरीब मछली फंस गई. इसके चार आंखें और एरोप्लेन जैसे पंख देखकर सभी दंग रह गए. युवकों ने बताया कि पूर्वी चंपारण जिले की नदियों में हाल के दिनों में कई विचित्र मछलियां मिली हैं.

क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

जिला मत्स्य पदाधिकारी डॉ. नूतन कुमारी ने बताया कि, यह सकर माउथ कैटफिश है. जो पूरी तरह मांसाहारी होती है. इसे गंगा नदी में छोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है. क्योंकि यह अन्य जलीय जीवों का शिकार कर सकती है. इससे नदी का इको-सिस्टम प्रभावित हो सकता है और स्थानीय प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट आ सकता है.

पहले भी बिहार में मिल चुकी है यह मछली

यह कोई पहली बार नहीं है जब बिहार में सकर माउथ कैटफिश मिली हो. हाल ही में बगहा और कहलगांव में भी इसी तरह की मछलियां पकड़ने की खबरें आई थीं. यह मछली तेजी से गंगा और अन्य नदियों में फैल रही है, जिससे जलीय जैव विविधता को खतरा बढ़ सकता है.

पढ़िए प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी: समर्थकों के लिए मसीहा विरोधियों के लिए आतंक! राजनीति, अपराध और सत्ता के बेताज बादशाह की कहानी 

गंगा के लिए खतरा या संयोग?

चार आंखों वाली यह मछली विदेशी प्रजाति होने के कारण बिहार की नदियों में कैसे पहुंची, यह अभी भी शोध का विषय बना हुआ है. यदि यह मछली बड़ी संख्या में फैलती है, तो यह स्थानीय मछलियों और जल जीवों के लिए घातक साबित हो सकती है. विशेषज्ञों ने इसे गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा बताया है और इसे तुरंत हटाने की सलाह दी है.

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन