Motihari: गंदगी और दुर्गंध के बीचों बीच शिक्षा की तालीम हासिल कर रहे है मासूम

Updated:
विज्ञापन
Motihari: गंदगी और दुर्गंध के बीचों बीच शिक्षा की तालीम हासिल कर रहे है मासूम

गंदगी और दुर्गंध के बीचों बीच शिक्षा की तालीम हासिम करने के लिए जद्दोजहद कर रहे है.

विज्ञापन

मोतिहारी. एक तरफ सरकार छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, तो वहीं शहर के बलुआ बाजार स्थित यूएमएस गोपालपुर में मासूम छात्र-छात्राएं गंदगी और दुर्गंध के बीचों बीच शिक्षा की तालीम हासिम करने के लिए जद्दोजहद कर रहे है. यहां बता दें कि करीब 100 से अधिक मासूम रोज़ सुबह उम्मीदों से भरे इस स्कूल में पहुंचते हैं, लेकिन उनका स्वागत किताबों और पठन-पाठन से पहले दुर्गंध और शोरगुल से होता है. स्कूल की चारदीवारी के पास ही बकरो को काटा जाता है और मीट की दुकाने सजती है. जिससे रूबरू प्रतिदिन होना उनके लिए एक आम बात हो गयी है. बाजार का शोर, भीड़ और गंदगी बच्चों की मासूमियत पर भारी पड़ रही है. नन्हें बच्चों की नाक पर रूमाल है, लेकिन दिमाग पढ़ाई पर केंद्रित नहीं हो पा रहा है. सरकार शिक्षा का अधिकार और स्वच्छ वातावरण देने के लाख दावे करती है, मगर यहां की तस्वीर उन दावों की सच्चाई बयां कर रही है. शिक्षक चाहकर भी कुछ कर नहीं पा रहे हैं, क्योंकि स्कूल का माहौल उनके नियंत्रण से बाहर है. बच्चों के लिए यह स्थिति केवल पढ़ाई में बाधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा है. यहां बता दे कि स्कूल के आसपास उपरोक्त सभी चीजे प्रतिबंदित है बावजूद यह सब खुलेआम हो रहा है. जो चितांजनक है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Ranjeet Thakur

लेखक के बारे में

By Ranjeet Thakur

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन