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Motihari: वज्रपात से बचाव एवं कारणों की बच्चों को दी गयी जानकारी

Updated at : 26 Jul 2025 4:23 PM (IST)
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Motihari: वज्रपात से बचाव एवं कारणों की बच्चों को दी गयी जानकारी

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रखंड के विभिन्न प्राथमिक, मध्य व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार का आयोजन किया गया

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Motihari: चिरैया. मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रखंड के विभिन्न प्राथमिक, मध्य व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को वज्रपात का कारण, बचाव एवं सावधानी बरतने की जानकारी दी गयी. इस कड़ी में स्थानीय महादेव साह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिरैया कोठी में आयोजित सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम में शिक्षक रवि कुमार रवि ने बच्चों को वज्रपात के कारणों एवं बचाव पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि बादलों में पानी के छोटे-छोटे कण होते हैं. जब हवा और कणों के बीच संघर्ष होता है तो ये इलेक्ट्रिकल चार्ज हो जाते हैं. कुछ बादलों पर पॉजिटिव चार्ज होते हैं तो कुछ पर नेगेटिव, जब नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों बादल एक-दूसरे से टकराते हैं तो बिजली बनती है. बिजली बादलों से टकराती रहती है, लेकिन कई बार यह इतनी अधिक होती है कि धरती तक पहुंच जाती. यह घटना तड़ित बिजली यानी ठनका गिरना कहलाती है. उन्होंने बारिश के दौरान ऊंचे स्थान, ताड़ के पेड़, पहाड़, वृक्ष, बिजली पोल, नदी, तालाब आदि के निकट नहीं ठहरने की बात बताई. खुले मैदान में ठनका गरजने के दौरान ऐड़ी के बल उकड़ू बैठने की सलाह दी गई. बच्चों को अपने अपने स्तर पर गांव में चर्चा करने एवं ठनका के प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता पर जोर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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HIMANSHU KUMAR

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