मिड-डे मील के लिए स्कूलों को लौटाने होंगे 19 किलो के कमर्शियल सिलिंडर, विभाग ने जारी किया निर्देश

Author Nirmal kumar|Edited by Aaruni Thakur
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स्कूलों में व्यवसायिक सिलिंडर पर रोक, लेने होंगे घरेलू कनेक्शन

प्रतीकात्मक तस्वीर

अब स्कूलों में मिड-डे मील पकाने के लिए 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर वापस लिए जाएंगे। विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि जिन स्कूलों में घरेलू सिलिंडर का उपयोग शुरू हो गया है, वे पुराने सिलिंडर लौटा दें।

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Mid Day Meal Scheme: स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए पहले उपलब्ध कराए गए 19 किलोग्राम के कमर्शियल LPG सिलिंडर अब संबंधित कंपनी को वापस किए जाएंगे. मध्याह्न भोजन निदेशालय ने इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना को निर्देश दिया है.

पहले योजना के तहत विद्यालयों को 19 किलोग्राम के सिलिंडर उपलब्ध कराए गए थे, जिनकी आपूर्ति कमर्शियल कनेक्शन के तहत हुई थी. अब मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए घरेलू सिलिंडर के उपयोग की अनुमति दी गई है.

जिन स्कूलों में घरेलू सिलिंडर, वहां वापस होगा पुराना सिलिंडर

विभागीय निर्देश के अनुसार, जिन विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए घरेलू LPG सिलिंडर का इस्तेमाल शुरू हो चुका है, वहां अनुपयोगी पड़े 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलिंडर वापस किए जाएंगे.

डीपीओ एमडीएम के अनुसार, जिले में ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करने के बाद 19 किलोग्राम वाले सिलिंडर वापस करने की कार्रवाई की जाएगी.

अब भी कमर्शियल सिलिंडर से बन रहा खाना तो क्या होगा?

जिन विद्यालयों में अभी भी 19 किलोग्राम के सिलिंडर से मध्याह्न भोजन तैयार किया जा रहा है, वहां प्रधानाध्यापकों को घरेलू LPG कनेक्शन लेना होगा.

घरेलू सिलिंडर का कनेक्शन लेने के लिए राशि की आवश्यकता होने पर मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय से राशि की मांग की जा सकती है.

ई-शिक्षा कोष पर रोज देनी होगी MDM की जानकारी

मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी भी लगातार की जा रही है. एंड्रॉयड आधारित ई-शिक्षा कोष ऐप के माध्यम से स्कूल के प्रधानाध्यापकों को मध्याह्न भोजन से संबंधित आंकड़े प्रतिदिन उपलब्ध कराने हैं.

निदेशालय स्तर पर योजना की दैनिक रिपोर्ट ली जा रही है. इसे लेकर प्रधानाध्यापकों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं.

रिपोर्ट नहीं दी तो जिला कार्यालय में देना होगा जवाब

निर्देश के बावजूद मध्याह्न भोजन से संबंधित दैनिक आंकड़े उपलब्ध कराने में लापरवाही करने वाले प्रधानाध्यापकों से जवाब मांगा जाएगा.

रिपोर्ट नहीं देने वाले प्रधानाध्यापकों को जिला कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देना होगा. फिलहाल विभागीय निर्देश के बाद जिले में 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलिंडर वाले विद्यालयों को चिह्नित कर उन्हें वापस करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.


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