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चमकी बुखार व जेइ से बचाव को शहरी क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज में चलेगा जागरूकता अभियान

Updated at : 13 Apr 2024 10:17 PM (IST)
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चमकी बुखार व जेइ से बचाव को शहरी क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज में चलेगा जागरूकता अभियान

नगर निगम सभागार में शनिवार को चमकी बुखार व जापानी इन्सेफ्लाइटिस से बचाव को लेकर अर्बन टास्क फोर्स की बैठक हुई.

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मोतिहारी. नगर निगम सभागार में शनिवार को चमकी बुखार व जापानी इन्सेफ्लाइटिस से बचाव को लेकर अर्बन टास्क फोर्स की बैठक हुयी. अध्यक्षता नगर आयुक्त सौरभ सुमन यादव ने की. इन बीमारियों से बचाव के लिए शिक्षकों के माध्यम से सभी स्कूली बच्चों को जागरूक करने पर बल दिया गया. इसके तहत स्कुल, कॉलेज एवं आमजन में प्रचार प्रसार करने का संकल्प लिया गया. वही स्कूल व कॉलेज सहित शहरी क्षेत्र में भीड़ भाड़ वाले सार्वजनिक जगहों पर बचाव से संबंधित दीवारों पर जागरूकता से संबंधित स्लोग्न लिखने के निर्णय लिये गये. शहरी क्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से समुदाय को इन बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करने पर सहमती बनी. बैठक में स्वास्थ्य विभाग के डीआइओ डा. शरत चन्द्र शर्मा व यूनिसेफ एसएमसी डा. धमेन्द्र कुमार ने मस्तिष्क ज्वर के लक्षणों के बारे में जानकारी दी. कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को तेज धूप से बचाने व दिन में दो बार स्नान कराने, गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस व नींबू पानी चीनी का घोल पिलाने और रात में भरपेट खाना खिलाकर सुलाने जैसी एहतियात बरतने से इस रोग से बचा जा सकता है. बैठक में सीडीपीओ सुनिता दयाल, नगर प्रबंधक अमित सहाय, नगर मिशन प्रबंधक रमेश कुमार वर्मा, डीसीएम नंदन कुमार झा, प्रवेज अली सहित महिला प्रवेक्षिका उपस्थित रही. अप्रैल से जुलाई माह तक ज्यादातर मामले जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. शरत चन्द्र शर्मा ने बताया कि गर्मियों में बच्चों को ज़्यादा सावधानी बरतनी आवश्यक है. क्योंकि इसी समय में चमकी रोग के बढ़ने की ज्यादा आशंका बनी रहती है. अप्रैल से जुलाई तक के महीनों में छह माह से 15 वर्ष तक के बच्चों में चमकी की संभावना ज्यादा होती है. चमकी के लक्षण मिलते ही बच्चों को तुरंत सरकारी अस्पताल ले आएं, बिल्कुल भी देरी न करें. तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजा पानी से पोछे. पंखे से हवा करें ताकि बुखार 100 डिग्री फॉरेनहाइट से कम हो सके. पारासिटामोल की गोली, सिरप व मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें। यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओआरएस का घोल बनाकर पिलाएं. बच्चों के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधी रखें. वही आपातकाल की स्थिति में निशुल्क एंबुलेंस हेतु टोल फ्री नंबर 102 पर डायल करें.

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