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बिहार से रूठा मॉनसून, मध्य भारत की तरफ हो रहा शिफ्ट, जानिए क्या कहता है मौसम विभाग

Updated at : 25 Jun 2023 11:11 PM (IST)
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बिहार से रूठा मॉनसून, मध्य भारत की तरफ हो रहा शिफ्ट, जानिए क्या कहता है मौसम विभाग

बिहार में मॉनसून का मजबूत सिस्टम अब तक सक्रिय नहीं है. यह स्थिति कमोबेश जून के शेष दिनों में भी बने रहने का पूर्वानुमान है. दरअसल बिहार की तरफ आने वाला मॉनसून सिस्टम सेंट्रल इंडिया की तरफ मूव कर रहा है.

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Monsoon 2023: बेशक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की लाइन पूरे बिहार को कवर कर चुकी है, लेकिन बिहार में मॉनसून का मुकम्मल सिस्टम अब तक सक्रिय नहीं है. आइएमडी पटना के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी आशीष कुमार के अनुसार बिहार की तरफ आने वाला मॉनसून सिस्टम सेंट्रल इंडिया (मध्य भारत) की तरफ मूव कर रहा है. ऐसे में प्रदेश में मॉनसून का मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है. यह स्थिति कमोबेश जून के शेष दिनों में भी बने रहने का पूर्वानुमान है. आशीष के अनुसार जुलाई के पूर्वानुमान का हमें इंतजार करना चाहिए.

25 जून तक पूरे बिहार में 76 फीसदी कम बारिश

मानसून के पूरी तरह से सक्रिय नहीं होने की वजह से 25 जून तक पूरे बिहार में 76 फीसदी कम बारिश हुई है. 10 जिले ऐसे हैं, जहां 90 से 100 फीसदी तक कम बारिश हुई हैं. तकनीकी तौर पर केवल किशनगंज में सामान्य बारिश हुई है. हालांकि यहां भी सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश हुई है. सच्चाई यह कि बिहार के एक भी जिले में अब तक सामान्य बारिश नहीं हुई है.

37 जिले में सामान्य से काफी बारिश

औरंगाबाद, बेगूसराय, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, पटना, सहरसा, समस्तीपुर ,सारण, सिवान और वैशाली जिलों में 90 से 100 फीसदी तक कम बारिश हुई है. इसी तरह 80 से 90 फीसदी से कम बारिश वाले जिलों में अरवल, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, जमुई, मधेपुरा, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पूर्वी चंपारण और रोहतास शामिल हैं. कुल मिला कर 37 जिले में सामान्य से काफी बारिश हुई है.

धान की रोपनी पर पड़ेगा असर 

रविवार को पूरी बिहार में औसतन एक मिलीमीटर बारिश भी दर्ज नहीं हुई है. बिहार में केवल 0.6 मिलीमीटर बारिश हुई. रविवार को अररिया में पांच मिलीमीटर, औरंगाबाद में 1.2 , भभुआ( कैमूर) में 2.9, बक्सर में 4.7 ,कटिहार में 0.3 , किशनगंज में 2.2, पश्चिमी चंपारण और रोहतास में केवल 1.3 मिलीमीटर बारिश हुई है. शेष 30 जिलों में रविवार को पानी नहीं बरसा है. प्रदेश में बेहद कम बारिश होने से धान की रोपणी पर सीधा असर पड़ना तय है. खासतौर पर बिहार में धान का कटोरा कहा जाने वाला क्षेत्र भी अभी सूखे की स्थिति है. हालांकि कम अवधि के धान रोपायी का समय अभी बाकी है.

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मॉनसून सिस्टम सेंट्रल इंडिया में हो रहा शिफ्ट

आइएमडी पटना के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी आशीष कुमार का कहना है कि प्रदेश में मॉनसून का मजबूत सिस्टम अब तक सक्रिय नहीं है. यह स्थिति कमोबेश जून के शेष दिनों में भी बने रहने का पूर्वानुमान है. दरअसल बिहार की तरफ आने वाला मॉनसून सिस्टम सेंट्रल इंडिया की तरफ मूव कर रहा है. जुलाई का पूर्वानुमान अभी आयेगा. हमें उसका इंतजार करना चाहिए.

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यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

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