ePaper

Bihar: 25 अरब की लागत से गांवों में बनेगा 'मिनी सचिवालय', पंचायत भवन से मिलेंगी ये सुविधाएं

Updated at : 02 Jul 2025 4:24 PM (IST)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

Bihar: बिहार ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत के सरकारी भवनों के निर्माण को मंजूरी मिल गई है. भवनों का निर्माण मिनी सचिवालय के मॉडल पर किया जाएगा, इनमें विभिन्न प्रमाण पत्रों और राशन कार्ड बनवाने और उनमें सुधार कराने की सेवाएं होंगी. साथ ही हर पंचायत भवन में सुधा डेयरी के होल-डे मिल्क पार्लर की व्यवस्था मिलेगी.

विज्ञापन

Bihar, मृणाल कुमार: बिहार के ग्राम पंचायतों में  पंचाय भवनों का निर्माण खुद सरपंचों की निगरानी में होगी. पंचायती राज विभाग ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है. इन पंचायत भवनों को नौ महीने के अंदर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना पर कुल 24 अरब 81 करोड़ 90 लाख रूपए से अधिक खर्च होगा. इसके साथ ही प्रत्येक पंचायत भवन में सुधा होल-डे मिल्क पार्लर भी खोले जाएंगे जिसके निर्माण में कुल 24 करोड़ 53 लाख का खर्च आएगा.

पांच किश्तों में दी जाएगी निर्माण की राशि

फिलहाल बिहार के 2000 ग्राम पंचायतों में लोकल एरिया इंजीनियरिंग संगठन और 2615 पंचायतों में भवन निर्माण विभाग द्वारा पंचाय भवनों का निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण की प्रक्रिया को सरल और भवन को समय से बनाने के लिए शुरुआत में पंचायतों को तकनीकी राशि का 5% ‘मोबिलाइजेशन एडवांस’ के रूप में दिया जाएगा. भवन निर्माण की कुल राशि पांच किश्तों में दी जाएगी. 

सुधा डेयरी की होगी व्यवस्था

सुधा डेयरी के होल-डे मिल्क पार्लर की निगरानी के लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में निगरानी समिति का गठन किया गया है. इसमें उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, LAEO के कार्यपालक अभियंता और जिला पंचायत राज पदाघिकारी सदस्य  के रूप में शामिल होंगे. पंचायत सरकार भवनों को ग्रामीण क्षत्रों ‘मिनी सचिवालय’ के रूप में देखा जा रहा है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

मिनी सचिवालय का मॉडल

इन भवनों में RTPS केंद्र भी स्थापित किए जा रहे है,  जिससे आय, जाती, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और राशन कार्ड जैसी सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी. इस पहल से गांव के लोगों को अब सरकारी कार्यों के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगनी पड़ेगी. और सरकारी योजनाओं की लोकल लेवल पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी.

इसे भी पढ़ें: Bihar: मानसून सत्र से पहले हो सकता है मोदी कैबिनेट का विस्तार, बिहार से ये नेता बन सकते हैं मंत्री

विज्ञापन
Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन