Madhubani News : मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार व शिक्षा ऋण बकाया नहीं चुकाने वालों पर चलेगा फौजदारी मुकदमा
Published by : GAJENDRA KUMAR Updated At : 19 Nov 2025 9:45 PM
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना व मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा ऋण योजना के तहत लिये गए ऋणों की वसूली के लिए बड़ा फैसला लिया है.
मधुबनी. राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना व मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा ऋण योजना के तहत लिये गए ऋणों की वसूली के लिए बड़ा फैसला लिया है. समय पर किश्त जमा नहीं करने वाले लाभुकों पर अब दीवानी और फौजदारी मुकदमा चलाने की तैयारी है. जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक निदेशक हेमंत कुमार ने स्पष्ट कहा है कि जिन लाभार्थियों ने बार-बार नोटिस के बावजूद ऋण राशि जमा नहीं की है. उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. विदित हो कि अल्पसंख्यक समुदाय के लाभार्थियों को रोजगार एवं शिक्षा ऋण योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने और बकाया ऋण वसूली की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे है. यह कैंप 24 से 29 नवंबर तक जिला अल्पसंख्यक कार्यालय परिसर में लगाये जायेंगे. विशेष कैंप में रोजगार ऋण और शिक्षा ऋण से संबंधित लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता पर किया जाएगा. साथ ही, बकाया राशि जमा कराने के लिए लाभार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहुलियत भी प्रदान की जाएगी. कैंप के दौरान ऋणधारकों को पुनर्भुगतान प्रक्रिया, अनुदान व छूट संबंधी प्रावधान, तथा आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी. सरकार के इस पहल से जहां लाभार्थियों को राहत मिलेगी. वहीं योजनाओं के सुचारू संचालन में भी पारदर्शिता और तेजी आएगी. पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में लाभुकों ने रोजगार एवं शिक्षा ऋण लेकर व्यवसाय और पढ़ाई तो शुरू की, पर निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया. इससे सरकारी ऋण कोष पर दबाव बढ़ गया है. विभाग का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक परिवारों को सशक्त बनाना है. लेकिन बकाया नहीं चुकाने वालों के कारण वास्तविक जरूरतमंद लोग वंचित हो जाते हैं. सूत्रों के अनुसार, कठोर कार्रवाई का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना है. सहायक निदेशक ने एक बार फिर लाभुकों से अपील की है कि वह अविलंब अपनी बकाया राशि जमा कर दें. जिससे उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की नौबत न आए. यह कदम राज्य सरकार के उस संकल्प को मजबूत करता है. जिसमें योजनाओं को जनहित के अनुरूप प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है. विभाग का मानना है कि यह पहल अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
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