Madhubani : पारा पहुंचा 35 डिग्री सेल्सियस के पार, हीटवेब की नहीं करें अनदेखी

Edited by DIGVIJAY SINGH
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भीषण गर्मी के कारण पारा 35 डिग्री सेल्सियस से पार पहुंच गया है.

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Madhubani : मधुबनी . भीषण गर्मी के कारण पारा 35 डिग्री सेल्सियस से पार पहुंच गया है. मौसम विभाग पूसा से मिली जानकारी अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस, जो सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक एवं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 2.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. जिससे आमजनजीवन प्रभावित हो रहा है. ग्रामीण कृषि मौसम सेवा डा. राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए सत्तार की मानें तो आने वाले तीन चार दिनों में पारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकती है. जिसके कारण तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है. इस संबंध में डॉक्टरों की माने तो अत्यधिक गर्मी एवं इससे उत्पन्न लू से आमलोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. विशेषकर छोटे व स्कूली बच्चे, बुजुर्गों, गर्भवती- धात्री माताओं एवं विभिन्न कार्य के लिए घर से बाहर निकलने वाले व्यक्तियों को स्वास्थ्य संबंधी काफी समस्याएं हो सकती है. तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया है. इस संबंध में ईडी ने सिविल सर्जन को भीषण गर्मी, लू से बचाव व इससे उत्पन्न विभिन्न तरह की स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है. ईडी के निर्देश के आलोक में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल एवं सदर अस्पताल में भीषण गर्मी एवं लू से प्रभावित व्यक्तियों के अहर्निश रूप से समुचित चिकित्सीय उपचार एवं प्रबंधन के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है. सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी डायरियल मेडिसिन, आइबी फ्लूड ओआरएस एवं इससे संबंधित अन्य आवश्यक औषधियों तथा मेडिकल डिवाइस एवं कंज्यूमेबल की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है. लू से प्रभावित व्यक्तियों का हर्ट रेट, रिस्पायरेट्री रेट, ब्लड प्रेशर, रेक्टल टेंपरेचर एवं मेंटल स्टेट का लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है. लू से ग्रसित गंभीर मरीजों का कंपलीट ब्लड काउंट, इलेक्ट्रोलाइ, ईसीजी, अदर मेटाबॉलिक एब्नार्मेलिटीज, लिवर फंक्शन टेस्ट एवं किडनी फंक्शन टेस्ट कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. सभी सरकारी अस्पतालों में भीषण गर्मी एवं लू के चिकित्सकीय प्रबंधन के लिए डेडीकेटेड वार्ड में समुचित संख्या में बेड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. डेडीकेटेड वार्ड में 24 घंटे चिकित्सकों एवं पारा चिकित्सा कर्मियों का रोस्टर संधारित करते हुए प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया है. छह माह तक के शिशुओं को करायें सिर्फ स्तनपान सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके झा ने कहा कि 6 माह तक के शिशुओं के लिए सिर्फ स्तनपान ही पर्याप्त होता है. गर्मी के कारण स्तनपान के साथ किसी भी प्रकार का तरल पेय पदार्थ या पानी बच्चों को नहीं देना चाहिए. गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक स्तनपान कराकर गर्मी के कारण होने वाली विभिन्न समस्याओं से बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है. साथ ही गर्भवती महिलाओं को गर्मी के मौसम में लू से बचने के लिए पोषक तत्वों के सेवन के अलावा प्रचुर मात्रा में पानी एवं मौसमी फ़लों और ताजी सब्जियों का सेवन जरुर करना चाहिए. ऐसे पहचानें लू के लक्ष्ण तेज सिर दर्द का होना, उल्टी या जी मचलाना, बुखार का होना, त्वचा का लाल, गर्म एवं सूखा होना (पसीना नहीं चलना), बेहोशी या चक्कर आना, घबराहट या संशय का बढ़ जाना,अत्यधिक आलस या सुस्ती का होना लू से बचाव सीएस ने कहा कि कुछ सावधानी बरतकर लू से बचाव किया जा सकता है. खाली पेट घर से बाहर नहीं निकलें. सुपाच्य एवं हल्के भोजन का सेवन करें. अत्यधिक शीतल पेय पदार्थों के सेवन करने से बचें. देर रात तक नहीं जागें एवं कम से कम 8 घंटे की नींद जरुर लें. अत्यधिक वजन से शरीर में अतिरिक्त ऊष्मा पैदा होती है. इसलिए अत्यधिक वजन वाले लोग गर्मी के दिनों में वसा युक्त भोजन सेवन करने से बचें.

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