Madhubani News : फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही बेचैन करने लगी धूप, टूटने लगा रिकॉर्ड

Published at :22 Feb 2025 9:17 PM (IST)
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Madhubani News : फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही बेचैन करने लगी धूप, टूटने लगा रिकॉर्ड

तापमान से बीते 13 साल में मात्र दो साल का तापमान इससे अधिक रहा.

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मधुबनी.

तापमान लगातार बढ़ने लगा है. मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (21 फरवरी) का तापमान बीते 12 साल में 2022 के बाद सबसे अधिक रहा, जबकि शनिवार (22 फरवरी) के तापमान से बीते 13 साल में मात्र दो साल का तापमान इससे अधिक रहा. जानकारी के अनुसार, शुक्रवार का अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम 13.6 डिग्री सेल्सियस रहा. शनिवार का अधिकतम मापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री रहा, जो बीते 12 साल में 2023 व 2017 के बाद सबसे अधिक रहा.

सुबह होते ही तेज धूप व गर्मी से लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है. बाजार में गर्मी को देखते हुए मौसमी फल व नारियल पानी की बिक्री भी बढ़ गयी है. इधर, मौसम विभाग पूसा ने वर्तमान समय को देखते हुए किसानों के लिये कई सुझाव दिये हैं. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार के जिलों में आसमान में हल्के बादल आ सकते हैं, हालांकि मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है. इस अवधि में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी के साथ यह 29 से 31 डिग्री सेल्सियस एवं 15-19 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.

समसामयिक सुझाव

मौसम वैज्ञानिक एक सत्तार ने बताया है कि आने वाले दिनों में तापमान में वृद्धि होने की संभावना है. इसे देखते हुए, किसानों को अपनी सब्जियों की फसलों की सिंचाई करने की सलाह दी है. विशेष रूप से, मटर, टमाटर, बैगन, मिर्च, प्याज और पत्ता गोभी जैसी सब्जियों की फसलों को पानी की आवश्यकता होती है. इन फसलों में सिंचाई करने से न केवल उनकी वृद्धि और विकास में मदद मिलेगी, बल्कि तापमान में वृद्धि के कारण होने वाले नुकसान से भी बचा जा सकता है. किसानों से अनुरोध है कि वे अपनी फसलों की सिंचाई करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं.

अगात बोये गये गेहूं के दाना बनने से दूध भरने की अवस्था वाली फसल में पर्याप्त नमी का विशेष ध्यान रखेन की सलाह दी है. बसंतकालीन मक्का की बुआई शुरु कर देना चाहिये. जुताई से पूर्व खेतों में प्रति हेक्टेयर 15-20 टन गोबर की खाद, 40 किलोग्राम नेत्रजन, 40 किलोग्राम सल्फर एवं 30 किलोग्राम पोटास का व्यवहार करने से किसानों को अधिक फायदा हो सकता है. बुआई के लिए सुवान, देवकी, गंगा 11, शक्तिमान 1 एवं 2 किस्में अनुशंसित है. बीज दर 20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से व्यवहार करने का सुझाव दिया है. प्रति किलोग्राम बीज को 2.5 ग्राम थीरम या कैप्टाफ द्वारा उपचारित कर बुआई करना चाहिए.

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