Madhubani : जन्मजात दोष के 10 बच्चों का डंकन अस्पताल में सफल ऑपरेशन

Edited by DIGVIJAY SINGH
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जन्मजात दोष के 10 बच्चों का ऑपरेशन एवं इलाज डंकन हॉस्पिटल रक्सौल में निः शुल्क किया गया.

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Madhubani : मरीजों का इलाज, शल्य चिकित्सा, सहित रहना व खाना निःशुल्क Madhubani : मधुबनी . राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कटे होंठ, कटे तालु, कटे नाक एवं चिपके जीभ के जन्मजात दोष के 10 बच्चों का ऑपरेशन एवं इलाज डंकन हॉस्पिटल रक्सौल में निः शुल्क किया गया. ऑपरेशन के बाद सभी बच्चे स्वस्थ हैं. डंकन हॉस्पिटल रक्सौल में मरीजों का इलाज, शल्य चिकित्सा, रहने एवं खाने की निःशुल्क सुविधा दी गई. विदित हो कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आमलोगों के लिए बेहद कारगर साबित हो रहा है. इस योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं से जिले के सैकड़ों लोग लाभान्वित हुए हैं. खासकर आर्थिक तंगी एवं गरीब तबके के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ कार्यकम के माध्यम से चिन्हित मरीजों को राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क सर्जिकल एवं नन सर्जिकल इलाज की सुविधा मिल रही है. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल हृदय योजना से भी जिले का कई परिवार लाभान्वित हुआ है. इस योजना के तहत जिले के अभी तक 100 से अधिक बच्चों के हृदय में छेद का नि:शुल्क व सफल ऑपरेशन किया गया है. 10 बच्चों का हुआ सफल ऑपरेशन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक दीपक कुमार ने कहा है कि प्रथम चरण में 10 बच्चों का सफल ऑपरेशन किया गया. जिसमें अदिति कुमारी, शिवांश कुमार, सुहानी कुमारी, मो. इस्माइल रेहान, राधिका कुमारी, कृष कुमार कलुआही, लव कुमार खजौली, लक्ष्मी कुमारी, मो. नियाजउद्दीन व वेदांश शामिल हैं चिन्हित रोगों का होता है निःशुल्क इलाज सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष के जन्मजात रोग से ग्रसित बच्चों का बिहार सरकार द्वारा निःशुल्क इलाज व ऑपरेशन कराया जाता है. जन्म के समय दोष में तांत्रिक ट्यूब दोष (दिमाग, स्पाइनल कार्ड, रीढ़ की हड्डी में जन्मजात विकृति), डाउन सिंड्रोम (जन्म से कम बुद्धि विकास), कटे होंठ और तालु, क्लब फुट (पैरों का टेढ़ापन), कूल्हे का विकासात्मक डिस्प्लेसिया, जन्मजात मोतियाबिंद, जन्मजात बहरपान, जन्मजात हृदय रोग, की रेटिनोपैथी कुसमयता ( नेत्र विकार), आंखों का तिरछापन, सिर का छोटा या बड़ा होने के विकार सहित अन्य कुपोषण से संबंधित बीमारी शामिल हैं.

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