Madhubani News : भाई बहन का पावन पर्व सामा चकेबा का हुआ समापन

मिथिला के प्रसिद्ध त्योहारों में से एक सामा-चकेबा है. यह त्योहार बहन के जीवन में भाई की उपस्थिति और उनके बीच आजीवन बंधन के सम्मान में मनाया जाता है.
मधुबनी. मिथिला के प्रसिद्ध त्योहारों में से एक सामा-चकेबा है. यह त्योहार बहन के जीवन में भाई की उपस्थिति और उनके बीच आजीवन बंधन के सम्मान में मनाया जाता है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन ननद भाभी की हंसी ठिठोली, मधुर एवं कर्णप्रिय गीतों के साथ सम्पन्न हुआ. साम-चके, साम-चके अबिह”””””””” हे, जोतला खेत में बसिह”””””””” हे जैसे गीतों से मिथिला का हर घर आंगन गुलजार हो उठा. लगभग एक सप्ताह तक चलने वाले सामा-चकेबा का विसर्जन कार्तिक पूर्णिमा को किया गया. यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है और कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा की रात में नदी, तालाब या जुताई किये खेत में या किसी अन्य पवित्र जलाशय के किनारे सामा और चकेबा की मूर्तियों को विसर्जित कर इसका समापन किया जाता है. इस दौरान मैथिलानी पारंपरिक गीत गाती है. जिसमें धान धान छई भैया कोठी, चुगला कोठी भूसा छई जैसे मधुर संगीत से पूरा वातावरण मनोरम एवं भावुक हो गया. .
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