Madhubani News : मधुबनी. डीआरडीए में जिले में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक हुई. अध्यक्षता सांसद रामप्रीत मंडल व डॉ अशोक कुमार यादव ने की. इसमें केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी. बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आये लापरवाह पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अहम फैसले लिए गए. अध्यक्षता कर रहे सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि योजनाओं में देरी और गुणवत्ता से समझौता अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, मनरेगा, आयुष्मान भारत, पोषण अभियान और सड़क व पेयजल से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की एक-एक कर समीक्षा की गयी. बैठक में पाया गया कि कुछ विभागों में कार्य की गति संतोषजनक नहीं है. इस पर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने की अंतिम चेतावनी दी गई. साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अगली समीक्षा बैठक में प्रगति नहीं दिखने पर कार्रवाई तय मानी जाएगी. दिशा समिति के सदस्यों ने योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि कागजों में नहीं, जमीन पर काम दिखना चाहिए. शिकायत निवारण, पारदर्शिता और नियमित मॉनिटरिंग को मजबूत करने की मांग रखी. बैठक में डीडीसी सुमन प्रसाद साह, जिप अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव, विधायक माधव आनंद, एमएलसी घनश्याम ठाकुर सहित कई पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे.जिले में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आई लापरवाहियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में सदस्यों ने विशेष रूप से जी-राम-जी योजना, कृषि योजनाएं, पीएम आवास योजना, नल-जल योजना और शौचालय निर्माण पर फोकस रखा गया. जी-राम-जी योजना के तहत लाभार्थियों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने और लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन पर चर्चा हुई. कृषि योजनाओं की समीक्षा के दौरान किसानों को समय पर बीज, खाद, अनुदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. आवास योजना में लंबित निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा कराने, किस्त भुगतान में पारदर्शिता रखने और अपात्र लाभार्थियों को हटाने पर चर्चा की गई.
स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार योजनाओं पर भी हुई चर्चा
दिशा की बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान सांसद रामप्रीत मंडल ने स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने इन क्षेत्रों को आमजन के जीवन से सीधे जुड़े मुद्दे बताते हुए विशेष प्राथमिकता देने को कहा. स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान आयुष्मान भारत, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं पर फोकस किया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं और समय पर उपचार सुनिश्चित हो. सड़क योजनाओं में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, मरम्मत और लंबित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. खराब सड़कों को शीघ्र दुरुस्त करने और नयी सड़कों का निर्माण तय समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए. रोजगार योजनाओं के तहत मनरेगा, स्वरोजगार और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों की स्थिति पर चर्चा हुई.
पुल निर्माण के बाद एप्रोच पथ निर्माण नहीं होने से नाराज थे जनप्रतिनिधि
समीक्षा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुल निर्माण में देरी, पुल निर्माण के बाद एप्रोच पथ का निर्माण नहीं होने जैसी विभिन्न समस्याओं को उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने उठाया. जिस पर सांसद डॉ अशोक कुमार यादव ने कार्यपालक अभियंता को विसंगति को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कों के शिलान्यास के दौरान सांसद एवं विधायकों को बिना सूचना दिए कार्य शुरू करने पर गहरा रोष जताया. संबंधित अधिकारियों को भविष्य में ऐसी बात नहीं दोहराने की चेतावनी दी. कहा कि सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सांसद ने कई योजनाओं की ली जानकारी
बैठक में सांसद विकास के मदेनजर जिले के विभिन्न प्रखंडों में पेयजल के समुचित व्यवस्था कराने के लिए कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया. जिले में शिक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए सांसद ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से कस्तूरबा आवासीय विद्यालय समेत अन्य विद्यालयों में हो रहे पठन-पाठन, उनमें पेयजल की व्यवस्था, भोजन और शौचालय की व्यवस्था की जानकारी ली. उन्होंने कस्तूरबा आवासीय विद्यालय समेत अन्य सभी विद्यालयों में पेयजल और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये. साथ ही सभी स्कूलों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से संबंधित प्रतिवेदन समर्पित करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया.
नगर विधायक ने इको पार्क और मिनी मिथिला हाट निर्माण की पुरजोर मांग रखी
नगर विकास की दिशा तय करने वाली दिशा समिति की बैठक में नगर विधायक माधव आनंद ने शहरवासियों के लिए दो अहम और दूरदर्शी प्रस्ताव रखे. इको पार्क और मिनी मिथिला हाट का निर्माण. बैठक में यह मांग रखते हुए विधायक ने कहा कि यह दोनों परियोजनाएं न केवल शहर की पहचान को नया आयाम देंगी, बल्कि रोजगार, पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण को भी मजबूती देंगी. इको पार्क को शहर के “हरित फेफड़े” के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया. विधायक ने बताया कि इससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण, सैर-सपाटे और योग-प्राणायाम के लिए सुरक्षित व सुंदर स्थान मिलेगा. साथ ही बच्चों और बुजुर्गों के लिए मनोरंजन व स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जा सकेंगी. वहीं मिनी मिथिला हाट की मांग को बैठक में विशेष समर्थन मिला. विधायक ने कहा कि यह हाट मिथिला की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को सहेजने का सशक्त मंच बनेगा. स्थानीय कारीगरों, चित्रकारों और स्वयं सहायता समूहों को यहां सीधे बाजार मिलेगा. जिससे उनकी आय बढ़ेगी और पारंपरिक कलाओं को नई पहचान मिलेगी. बैठक में अधिकारियों से उपयुक्त भूमि चयन, डीपीआर (परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने और वित्तीय संसाधनों की संभावनाओं पर शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया. विधायक ने जोर देकर कहा कि समयबद्ध पहल से ही शहर के विकास को गति मिलेगी. नगरवासियों में इन प्रस्तावों को लेकर उत्साह है. लोगों का मानना है कि इको पार्क और मिनी मिथिला हाट के निर्माण से शहर हरित, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से और सशक्त बनेगा. अब निगाहें प्रशासन की तत्परता पर टिकी हैं-ताकि ये सपने शीघ्र ही जमीन पर दिखे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

