Madhubani News : जीएसटी के नये स्लैब पर लोगों को नहीं मिल रहा सामान
Author Gajendra kumar
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केंद्र सरकार ने जीएसटी स्लैब को कम कर दिया है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है.
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मधुबनी.
केंद्र सरकार ने जीएसटी स्लैब को कम कर दिया है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. थोक व खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि जीएसटी कम किया गया है, इसके लिए 22 सितंबर से लागू करने का निर्देश भी दिया गया है, लेकिन इससे पूर्व पुराने माल रहने के कारण इसका लाभ नहीं मिल रहा है. जब नया दर लागू होगा और थोक एवं खुदरा विक्रेता को नये दर पर सामान मिलेगा तो उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा. फिलहाल तो पुराने दर पर ही सामान उपलब्ध कराया जा रहा है. शहर की कई सुधा दुकानों में पहले भी 85 रुपये में 200 ग्राम पनीर मिलता था और 205 रुपये में आधा किलो पनीर मिलता था. बाजार में आज भी उसी पुराने दर पर पनीर हर जगह मिल रहा है. सुधा गाय का दूध 54 एवं टोंड मिल्क 57 रुपये दिया जाता है. दुकानदारों ने कहा कि इसी प्राइस पर बेचने को कहा गया है. अभी नया दर लागू नहीं हुआ है. जब लागू होगा तो दिया जाएगा. मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के एमडी आरके झा के अनुसार सुधा के उत्पादों पर जीएसटी लागू थी. जिसे 22 सितंबर से कम कर दिया गया है. सुधा के 17 उत्पादों पर जीएसटी के काम होने से दर परिवर्तित किया गया है.कीमतों में होती है गड़बड़ी
जीएसटी के नए स्लैब लागू होने के बाद भी रोजमर्रा के समान ग्राहक को नये दर पर नहीं मिल रहा है. किराना व अन्य सामान भी पुराने दरों पर ही बेची जा रही है. यहां उपभोक्ता को रसीद भी नहीं दी जाती है. दुकानदार द्वारा मनमाने ढंग से पुराने स्लैब की राशि ही ली जाती है. केंद्र सरकार के जीएसटी के नए स्लैब का लाभ ग्राहकों को तब मिलेगा जब सभी दुकानदार उन्हें रसीद देंगे. खासकर किराना दुकानदार, दूध दुकान एवं जनरल स्टोर में पक्का रसीद नहीं दिया जाता.
बाइक पर मिल रहा लाभ
जीएसटी लागू होने के बाद नये दर को लेकर बाइक एजेंसी में भी उथल -पुथल है. हालांकि ग्राहक को 22 सितंबर से इसका लाभ दिया जा रहा है. बाइक एजेंसी के संचालक का कहना है की पुरानी बाइक तो पुराने जीएसटी दर पर लिया गया था किंतु ग्राहक को नई जीएसटी के स्लैब लागू दर पर दिया जा रहा है. जिसका लाभ ग्राहकों को दिया जा रहा है.दवा दुकानदार भी पुरानी दर पर ही कर रहे बिक्री
दवा की कीमत में भी अभी फिलहाल कोई राहत उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही है. यहां भी स्टॉक में पुराना दवा रहने के कारण इसका लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है. दुकानदारों का कहना है कि स्टॉक में जो पुरानी दवा है उसमें तो जीएसटी पहले दिया जा चुका है. जब नया दर लागू होगा तो प्रिंट भी काम होगा. फिलहाल पुराने दर पर उपभोक्ताओं से कीमत लिया जाता है. होल सेलर और रिटेलर का कहना है कि उपभोक्ताओं को जो भी दवा दी जाती है उसमें प्रिंट के दर में 10 प्रतिशत की छूट दी जाती है. इसके अलावे अन्य कोई छूट नहीं दी जाती है. ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि जीएसटी कम किया गया है, प्रधानमंत्री के निर्देश पर 22 सितंबर से लागू किया गया है. अभी बिलिंग हाथ से तो होती नहीं है. इसलिए रिटेलर को बिलिंग कर दिया जा रहा है. प्रोग्रामर उपलब्ध नहीं है. दो-तीन दिन में कंप्यूटर में प्रोग्रामर जीएसटी का नया स्लैब लागू कर देंगे. सहायक वाणिज्य कर आयुक्त शशि भूषण ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जीएसटी के नए स्लैब को लागू किया गया है. सभी दुकानदारों को नई जीएसटी स्लैब पर ही उपभोक्ताओं को सामान की बिक्री करनी है. जीएसटी के नए स्लैब पर सामने नहीं मिलने की शिकायत उपभोक्ताओं द्वारा की जाती है तो कार्रवाई की जाएगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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