Madhubani News : हत्या मामले में एक को आजीवन सश्रम कारावास

Published by : GAJENDRA KUMAR Updated At : 05 Dec 2025 9:18 PM

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बिस्फी थाना क्षेत्र में दलित सुशील की हुई हत्या मामले में जिला अपर सत्र न्यायालय प्रथम सह विशेष न्यायालय एससी एसटी के न्यायाधीश सैयद मो. फजलुल बाड़ी के न्यायालय में सजा की बिंदु पर शुक्रवार को सुनवाई हुई.

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मधुबनी.

बिस्फी थाना क्षेत्र में दलित सुशील की हुई हत्या मामले में जिला अपर सत्र न्यायालय प्रथम सह विशेष न्यायालय एससी एसटी के न्यायाधीश सैयद मो. फजलुल बाड़ी के न्यायालय में सजा की बिंदु पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों के दलील सुनने के बाद आरोपी बिस्फी पतौना थाना क्षेत्र के नाहस रुपौली निवासी नरेश यादव को दफा 302 भादवि व हरिजन एक्ट के दफा 3(2 )(भी) में आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही दस हजार जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नही देने पर चार माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

साथ ही न्यायालय ने अन्य दफा 448 भादवि में एक वर्ष, 504 भादवि एवं हरिजन एक्ट के दफा 3 (वन )( एस ) एवं 3 (2)(भीए) में दो दो वर्ष की कारावास की सजा सुनायी है. सभी संजाए साथ – साथ चलेगी. सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक सपन कुमार सिंह ने न्यायालय में बहस करते हुए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी. वहीं बचाव पक्ष से डिफेंस कौसिंल के चीफ रंजीत कुमार झा ने बहस करते हुए कम से कम सजा की मांग की थी .

क्या है मामला :

अभियोजन के अनुसार घटना 3 फरवरी 2022 की है. सूचक का भांजा सुशील कुमार साफी अपने आंगन में था. इसी दौरान आरोपी अपनी पत्नी पूजा देवी के साथ आया और उस पर चार हजार रुपये चुरा लेने के आरोप लगा मारपीट करने लगा. इस दौरान आरोपी ने लाठी से सुशील कुमार साफी के सिर पर मारा. जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया. जिसे परिजनों ने इलाज के लिए डीएमसीएच दरभंगा ले गये, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए डीएमसीएच के डॉक्टर ने पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान घटना के चार दिन बाद सुशील कुमार साफी की मृत्यु हो गये. मामले में मृतक के मामा दरभंगा जिला के कमतौल थाना क्षेत्र के कुमरौली निवासी दिनेश बैठा ने बिस्फी पतौना थाना में 4 फरवरी 2022 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

चार साल में आया फैसला

मामले को लेकर 4 फरवरी 2022 को लेकर विस्फी थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई . पूरे मामले का अनुसंधान कर अनुसंधानकर्ता ने दो माह के अन्दर 29 फरवरी 2022 को न्यायालय में आरोपी नरेश यादव व उसकी पत्नी पूजा देवी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दी . आरोपी के विरुद्ध न्यायालय ने 22 फरवरी 2023 ने आरोप गठन कर दिया. अभियोजन ने घटना को लेकर 12 साक्षियों को न्यायालय में पेश कर गवाही दी, हलांकि बचाव पक्ष से भी दो साक्षी को पेश किया गया. न्यायालय ने 5 दिसंबर को नरेश यादव पर फैसला सुना दी .विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि मामले कि दूसरा आरोपी पूजा देवी विचारण के दौरान ही फरार हो चुकी है. न्यायालय ने फरार आरोपी के विरुद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी करते हुए अमिलेख को अलग कर दिया, जहां आरोपी नरेश यादव के विरूद्ध फैसला आ गया. मामले में दूसरा आरोपी पूजा देवी अभी भी फरार है .

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