मधुबनी. मौसम की असर से गुरुवार की सुबह धूप निकलने के बाद भी कनकनी बरक़रार रही. जिसके कारण जन जीवन अस्त व्यस्त रहा. गुरुवार को 15.6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछिया हवा एवं न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस के कारण दिन भर कनकनी रही. बीते दो-तीन दिनों से कुहासा से राहत तो मिली लेकिन ठंड का प्रभाव जारी रहा. पछिया हवा के कारण लोग घरों में दुबके रहे. आम इंसान से लेकर पशुओं को भी ठंड से बचाव के लिए अलावे ही एक सहारा रहा. मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
शीत लहर क्या है
शीत लहर एक मौसम संबंधी घटना है, इसमें जमीन के पास हवा के तापमान अचानक तेज गिरावट आती है. इसके परिणामस्वरूप अत्यंत कम तापमान हो जाता है. हवा की गति बढ़ जाती है. पाला जमना और बर्फ जमने जैसी खतरनाक परिस्थिति उत्पन्न हो सकती है. आईएमडी के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में 10 डिग्री सेल्सियस या इससे कम तापमान होने पर शीत लहर की स्थिति होती है.
शीत लहर के दौरान क्या करें
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोल्ड वेब एडवाइजरी में कहा गया है कि मौसम संबंधी जानकारी और आपातकालीन निर्दोषों का पालन करें. यथा संभव घर के अंदर रहे और यात्रा कम करें. ढीले हल्के हवा रोकने वाले ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें. स्वयं को सुख रखें और सिर गर्दन हाथों को ढक कर रखें. टोपी मफलर और इंसुलेटेड जूते पहने. पौष्टिक भोजन करें. पौष्टिक भोजन करें और विटामिन सी युक्त फल सब्जियां खाएं. गर्म पेय पदार्थ नियमित रूप से पिएं.
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